साथ पढ़े, साथ बढ़े और साथ ही फतह किया IIT, एक बना AIR-1 तो दूसरा AIR-2…….

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दोस्ती की मिसाल: साथ पढ़े, साथ बढ़े और साथ ही फतह किया IIT, एक बना AIR-1 तो दूसरा AIR-2

नई दिल्ली, 02 जून 2026.

प्रतियोगी परीक्षाओं की दुनिया में अक्सर रैंक और नंबरों की होड़ देखने को मिलती है, लेकिन जेईई एडवांस्ड 2026 के नतीजों ने एक ऐसी कहानी लिख दी है, जिसने सफलता के साथ-साथ सच्ची दोस्ती की भी नई मिसाल पेश की है। यह कहानी है दो दोस्तों शुभम कुमार और कबीर छिल्लर की, जिन्होंने न केवल देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक को शानदार अंकों के साथ पास किया, बल्कि मेरिट लिस्ट के शीर्ष दो स्थानों पर कब्जा कर यह साबित कर दिया कि प्रतिस्पर्धा और दोस्ती साथ-साथ चल सकती हैं।

जेईई एडवांस्ड 2026 के परिणाम में बिहार के शुभम कुमार ने 360 में से 330 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की, जबकि उनके करीबी दोस्त कबीर छिल्लर ने महज एक अंक के अंतर से रैंक-2 हासिल की। दोनों के बीच सिर्फ एक नंबर का फासला रहा, लेकिन यह अंतर उनकी दोस्ती के बीच कभी दीवार नहीं बन सका।

इन दोनों की सफलता की कहानी केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं है। कोटा में तैयारी के दौरान दोनों एक ही हॉस्टल में रहते थे। शुभम चौथी मंजिल पर और कबीर सातवीं मंजिल पर रहते थे, लेकिन दिन का अधिकांश समय दोनों साथ बिताते थे। क्लास, टेस्ट, असाइनमेंट और रिवीजन के कठिन दौर के बीच दोनों ने एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया। पढ़ाई के दबाव को कम करने के लिए हर शाम साथ में बैडमिंटन खेलना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था।

जेईई एडवांस्ड का परिणाम आने के बाद जब दोनों ने अपना स्कोर देखा, तो खुशी का माहौल दोगुना हो गया। एक दोस्त देशभर में पहला स्थान हासिल कर चुका था और दूसरा उसके ठीक पीछे दूसरे स्थान पर था। आमतौर पर एक अंक से शीर्ष रैंक छूटने पर निराशा स्वाभाविक मानी जाती है, लेकिन कबीर ने अपने व्यवहार से यह दिखा दिया कि सच्ची दोस्ती किसी रैंक की मोहताज नहीं होती।

कबीर ने कहा कि शुभम ने पिछले दो वर्षों में बेहद मेहनत की है और वह इस सफलता का पूरा हकदार है। उन्होंने माना कि अगर शीर्ष स्थान किसी और के पास जाता तो शायद उन्हें थोड़ा अफसोस होता, लेकिन अपने सबसे करीबी दोस्त को देश का टॉपर बनते देख उन्हें गर्व और खुशी दोनों महसूस हो रही है।

आज जब प्रतियोगिता के दौर में अक्सर सफलता को व्यक्तिगत उपलब्धि माना जाता है, तब शुभम और कबीर की कहानी यह संदेश देती है कि सच्चे दोस्त एक-दूसरे को पीछे नहीं छोड़ते, बल्कि साथ लेकर आगे बढ़ते हैं। जेईई एडवांस्ड 2026 की मेरिट लिस्ट में दर्ज ये दो नाम अब केवल टॉपर नहीं, बल्कि दोस्ती, समर्पण और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की प्रेरणादायक मिसाल बन चुके हैं।

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