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जनसेवा केंद्र की आड़ में साइबर ठगी का बड़ा खेल, बाप-बेटे गिरफ्तार; सैकड़ों आधार-पैन कार्ड और बैंक दस्तावेज बरामद
मेरठ, 15 जून 2026.
मेरठ पुलिस की साइबर सेल और लिसाड़ी गेट थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जनसेवा केंद्र (सीएससी) की आड़ में संचालित एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में बाप-बेटे को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराधियों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराते थे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अकरम और उसके पिता निजामुद्दीन के रूप में हुई है। दोनों मेरठ के कोतवाली क्षेत्र स्थित अंसार कॉलोनी के निवासी बताए गए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी जनसेवा केंद्र की आड़ में आर्थिक रूप से कमजोर और कम पढ़े-लिखे लोगों के दस्तावेज जुटाते थे तथा उनके नाम पर फर्जी अभिलेख तैयार कर बैंक खाते खुलवाते थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 180 आधार कार्ड, 97 पैन कार्ड, 139 मतदाता पहचान पत्र, 92 डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड, 10 बैंक पासबुक, पांच चेकबुक, 16 खाली हेल्थ कार्ड, कई मोबाइल फोन तथा 10 जाली मुहरें और सील बरामद की हैं। बरामद दस्तावेजों और उपकरणों से साइबर अपराध के संगठित नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
पुलिस का कहना है कि फर्जी तरीके से खोले गए इन बैंक खातों का उपयोग देशभर में होने वाली ऑनलाइन ठगी की रकम को ट्रांसफर करने और उसे अलग-अलग खातों में भेजने के लिए किया जाता था। जांच में एक बरामद बैंक खाते के खिलाफ असम से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज होने की भी जानकारी मिली है।
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी तुम पढ़ी-लिखी लोगों का अंगूठा स्कैन करके तथा फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे और उनसे जुड़े एटीएम कार्ड तथा बैंकिंग सुविधाओं का नियंत्रण अपने पास रखते थे। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन में किया जाता था।
मेरठ पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और आधार अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब उनके बैंक खातों, संपत्तियों और संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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