दबंगों के आगे बेबस नजर आया एसडीम सहित प्रशासन: जबरदस्ती छुड़ा ले गये गाड़ियां…….

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छत्तीसगढ़ से मेघा तिवारी की विशेष रिपोर्ट……..

SDM ने पकड़ीं 10 अवैध मुरुम गाड़ियां, दबंगों ने छुड़ाए वाहन; खनिज विभाग की टीम से अभद्रता का आरोप

रायपुर/तिल्दा-नेवरा, 18 जून 2026।

छत्तीसगढ़ के तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में अवैध मुरुम खनन के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एसडीएम द्वारा अवैध उत्खनन में संलिप्त लगभग 10 वाहनों को पकड़े जाने के बाद खनिज विभाग की टीम को दबंगों ने घेर लिया और जब्त किए गए वाहनों को बलपूर्वक छुड़ाकर मौके से ले गए।

जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक-22 में अवैध मुरुम उत्खनन की शिकायत मिलने पर एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। इस दौरान मुरुम से लदे और खाली समेत करीब 10 वाहनों को पकड़ा गया। आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए रायपुर जिला खनिज विभाग को सूचना देकर टीम को मौके पर बुलाया गया।

बताया जाता है कि जब खनिज विभाग की टीम जब्त वाहनों को थाना ले जाने की तैयारी कर रही थी, तभी लगभग 70 से 80 लोगों की भीड़ वहां पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भीड़ में शामिल लोगों ने अधिकारियों और कर्मचारियों को चारों ओर से घेर लिया तथा कथित रूप से गाली-गलौज और धमकियों के जरिए दबाव बनाकर जब्त वाहनों को छुड़ाकर भगा दिया।

घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कार्रवाई के संवेदनशील चरण में प्रशासनिक नेतृत्व की अनुपस्थिति के कारण खनिज विभाग की टीम असहाय स्थिति में पहुंच गई। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

सूत्रों के अनुसार वाहन छुड़ाकर ले जाने के बाद जब खनिज विभाग की टीम दोपहर के भोजन के लिए एक रेस्टोरेंट में पहुंची, तब भी कुछ लोगों द्वारा वहां पहुंचकर अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने तथा भय का माहौल बनाने की कोशिश किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।

खनिज विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति नियंत्रित नहीं होती तो कोई गंभीर घटना भी हो सकती थी। विभागीय कर्मचारियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि सरकारी कार्रवाई के दौरान उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई।

यह पूरा मामला उस विधानसभा क्षेत्र का बताया जा रहा है जिसे प्रदेश के राजस्व मंत्री का क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में अवैध खनन से जुड़े तत्वों द्वारा सरकारी कार्रवाई को खुली चुनौती दिए जाने की घटना राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

अफरोज ख्वाजा ने की सख्त कार्रवाई की मांग

अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण आयोग के प्रदेश प्रवक्ता अफरोज ख्वाजा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी तो राजस्व की हानि और कानून व्यवस्था की समस्या बढ़ती जाएगी। उन्होंने मांग की कि सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने और जब्त वाहन छुड़ाने के आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति प्रशासनिक कार्यवाही को चुनौती देने का साहस न कर सके।

(नोट: समाचार में वर्णित आरोप संबंधित पक्षों के दावों एवं उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जा सकता है।)

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