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पीआरडी जवानों को मिला राज्यकर्मी का दर्जा, योगी सरकार के ऐतिहासिक फैसले से प्रदेशभर में खुशी की लहर
लखनऊ, 20 जून 2026।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के हजारों जवानों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला प्रदेश के हजारों पीआरडी जवानों और उनके परिवारों के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं माना जा रहा है। शासनादेश जारी होने के बाद प्रदेशभर में पीआरडी जवानों के बीच खुशी का माहौल है और इस निर्णय का व्यापक स्वागत किया जा रहा है।
प्रांतीय रक्षक दल के जवान लंबे समय से अपनी सेवाओं के अनुरूप सम्मान, अधिकार और बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे थे। प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों, पुलिस व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, चुनाव ड्यूटी, धार्मिक आयोजनों तथा अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों में पीआरडी जवान वर्षों से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित संस्थागत पहचान और सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं। ऐसे में राज्यकर्मी का दर्जा मिलने को उनके लंबे संघर्ष की बड़ी जीत माना जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार इस फैसले से पीआरडी जवानों की सेवाओं को अधिक औपचारिक मान्यता मिलेगी। साथ ही उनके कल्याण, सेवा सुरक्षा, प्रशिक्षण, सामाजिक सम्मान और भविष्य की योजनाओं के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। जानकारों का मानना है कि इस निर्णय से जवानों का मनोबल बढ़ेगा और सरकारी कार्यों के प्रति उनकी जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में पीआरडी जवानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इससे पहले उनके मानदेय, सेवा शर्तों तथा विभिन्न सुविधाओं को लेकर भी सरकार स्तर पर कदम उठाए गए थे। वहीं न्यायालयों में भी पीआरडी जवानों के अधिकारों को लेकर कई मामलों में राहत मिली है। वर्ष 2025 में सर्वोच्च न्यायालय ने भी पीआरडी जवानों को होमगार्ड के समान मानदेय दिए जाने संबंधी आदेश को बरकरार रखते हुए बड़ी राहत प्रदान की थी।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यरत पीआरडी जवानों का कहना है कि राज्यकर्मी का दर्जा मिलने से उनके सामाजिक सम्मान में वृद्धि होगी और भविष्य को लेकर सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। जवानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे ऐतिहासिक एवं दूरगामी प्रभाव वाला निर्णय बताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं का भी प्रांतीय रक्षक दल की ओर आकर्षण बढ़ेगा तथा सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी। सरकार के इस कदम को प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सहयोगी बलों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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