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प्रेम प्रसंग बना खूनी रंजिश की वजह, छत पर सो रहे युवक की गड़ासे से गला काटकर हत्या; 8 माह पुरानी घटना का लिया गया बदला, 3 आरोपी गिरफ्तार

सिद्धार्थनगर, 20 जून 2026।
जनपद सिद्धार्थनगर के थाना मोहाना क्षेत्र स्थित ग्राम पिपरहवा में हुई युवक की निर्मम हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हत्या किसी अचानक हुए विवाद का परिणाम नहीं थी, बल्कि लगभग आठ माह पुरानी रंजिश और प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद का बदला लेने के लिए सुनियोजित ढंग से अंजाम दी गई थी। थाना मोहाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त गड़ासा भी बरामद कर लिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान (आईपीएस) के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष मोहाना जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस ने मामले में तिवारी लोध, रमेश लोध और आनन्द लोध को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार मृतक मुकेश गुप्ता का गांव की रहने वाली उषा नामक युवती से प्रेम संबंध था। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि प्रेम प्रसंग की जानकारी सामने आने के बाद परिवार में तनाव बढ़ गया था। इसी बीच अक्टूबर 2025 में युवती ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी। युवती की मौत के बाद उसके परिजनों और रिश्तेदारों ने मुकेश को जिम्मेदार मान लिया और तभी से उससे बदला लेने की योजना बना रहे थे।
घटना के बाद मुकेश गांव छोड़कर पहले नेपाल और फिर मुंबई चला गया था। पुलिस के अनुसार वह कई महीनों तक गांव नहीं लौटा। 9 जून 2026 को जब मुकेश वापस अपने घर आया तो आरोपियों को इसकी जानकारी मिल गई। इसके बाद बदला लेने की साजिश को अंतिम रूप दिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मुख्य आरोपी तिवारी लोध उस समय मुंबई में था। मुकेश के गांव लौटने की सूचना मिलने पर वह ट्रेन से नौगढ़ पहुंचा, जहां रमेश लोध उसे लेने आया। दोनों गांव पहुंचे और आनन्द लोध के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। तीनों ने कई दिनों तक मुकेश की गतिविधियों पर नजर रखी और सही अवसर की तलाश करते रहे।
पुलिस के मुताबिक 16 जून की रात आरोपियों ने गांव में रेकी की। उन्हें पता चला कि मुकेश अपने घर की छत पर अकेला सो रहा है जबकि परिवार के अन्य सदस्य अलग स्थानों पर सो रहे हैं। इसके बाद तीनों ने हत्या की योजना को अंजाम देने का फैसला किया। आनन्द लोध पहले से ही एक गड़ासा खरीदकर रख चुका था।
रात के अंधेरे में तिवारी लोध और आनन्द लोध चुपके से घर की छत पर चढ़ गए, जबकि रमेश लोध नीचे खड़े होकर निगरानी करता रहा ताकि किसी के आने-जाने की जानकारी मिल सके। आरोप है कि तिवारी लोध ने सो रहे मुकेश के दोनों पैर कसकर पकड़ लिए ताकि वह भाग न सके, जबकि आनन्द लोध ने गड़ासे से उसकी गर्दन पर जोरदार वार कर दिया। वार इतना घातक था कि मुकेश की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वार करने के बाद वे कुछ देर तक वहीं रुके रहे और जब यह सुनिश्चित हो गया कि मुकेश की मौत हो चुकी है, तब वहां से फरार हो गए।
हत्या की इस वारदात से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए एसओजी और सर्विलांस टीम को जांच में लगाया। तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और उन्हें मगरहिया मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त गड़ासा भी बरामद कर लिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी तिवारी लोध के खिलाफ पूर्व में भी हत्या सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
इस सफल कार्रवाई में थानाध्यक्ष मोहाना जितेन्द्र सिंह, एसओजी प्रभारी चन्द्रकान्त पाण्डेय, सर्विलांस प्रभारी हरेन्द्र चौहाना, उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह सहित थाना मोहाना, एसओजी और सर्विलांस टीम के अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
20 जून 2026
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