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आगरा में सनसनीखेज वारदात: बल्केश्वर मंदिर से लौट रही 50 वर्षीय महिला को परिचित ऑटो चालक ने सुनसान इलाके में ले जाकर दुष्कर्म का आरोप, गला काटकर सड़क किनारे फेंका
आगरा, 30 सितंबर 2026।
आगरा में 50 वर्षीय महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। महिला का आरोप है कि बल्केश्वर महादेव मंदिर से दर्शन कर घर लौटते समय परिचित ऑटो चालक ने उसे घर छोड़ने के बहाने ऑटो में बैठाया और अपने एक साथी के साथ सुनसान इलाके में ले गया। वहां दोनों आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर महिला पर चाकू से हमला कर उसका गला काट दिया गया और उसे मरणासन्न हालत में सड़क किनारे छोड़कर आरोपी फरार हो गए। घटना के करीब डेढ़ महीने बाद पुलिस आयुक्त के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।
10 अगस्त को मंदिर से लौट रही थी महिला
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पीड़िता आगरा के थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र की रहने वाली है। महिला के मुताबिक, 10 अगस्त 2026 को वह बल्केश्वर महादेव मंदिर में दर्शन करने के बाद घर लौट रही थी। वाटर वर्क्स चौराहे के पास उसकी मुलाकात पहले से परिचित ऑटो चालक कृष्णा से हुई। कृष्णा ने महिला को घर छोड़ने की बात कहकर ऑटो में बैठा लिया। ऑटो में पहले से एक अन्य युवक भी मौजूद था।
आरोप है कि कुछ दूर जाने के बाद भाटिया पेट्रोल पंप के पास ऑटो चालक ने वाहन को श्मशान घाट की ओर मोड़ दिया। इसके बाद महिला को सुनसान रास्ते की तरफ ले जाया गया।
चाकू दिखाकर दुष्कर्म करने का आरोप
महिला के आरोप के मुताबिक, सुनसान स्थान पर दोनों आरोपियों ने उसे डराया-धमकाया। रिपोर्टों में महिला के हवाले से बताया गया है कि आरोपियों ने साड़ी से उसका गला दबाया और चाकू दिखाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
महिला ने जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर चाकू से कई वार किए और उसका गला काट दिया। इसके बाद उसे गंभीर हालत में सड़क किनारे छोड़कर आरोपी वहां से भाग गए।
पुलिस की गाड़ी का सायरन सुनकर भागे आरोपी
पीड़िता के अनुसार वारदात के दौरान पुलिस की गाड़ी के सायरन की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद दोनों आरोपी मौके से भाग निकले। कुछ समय बाद गश्त कर रही पुलिस की नजर घायल महिला पर पड़ी। महिला को उपचार के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, महिला का कहना है कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान करीब चार दिन बाद उसे होश आया।
शिकायत के बाद थानों के चक्कर लगाने का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद वह शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंची, लेकिन उसे एक थाने से दूसरे थाने भेजा जाता रहा। महिला के अनुसार 16 अगस्त को वह थाना ट्रांस यमुना पहुंची थी, जहां उसे बताया गया कि घटनास्थल थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में आता है। इसके बाद वह एत्माद्दौला थाने भी गई, लेकिन उसकी शिकायत पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान आरोपी पक्ष की ओर से समझौते का दबाव बनाया गया और धमकियां दी गईं। इसके बाद महिला ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पुलिस आयुक्त के निर्देश के बाद मंगलवार को मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस ने क्या कहा?
एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि महिला घायल अवस्था में पीआरवी कर्मियों को मिली थी और उसे एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। पुलिस के अनुसार थाने पर उस समय महिला के घायल होने की सूचना नहीं थी। महिला की तहरीर मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है और उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार महिला की प्रारंभिक तहरीर में दुष्कर्म का उल्लेख नहीं था। उसके बाद दिए गए बयान के आधार पर संबंधित धाराओं को बढ़ाए जाने की बात कही गई है।
डेढ़ महीने बाद FIR से उठे सवाल
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कथित घटना 10 अगस्त को हुई और प्राथमिकी करीब डेढ़ महीने बाद पुलिस आयुक्त के निर्देश पर दर्ज होने की बात सामने आई है। पीड़िता ने पुलिस पर सीमा विवाद के कारण कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस का कहना है कि महिला की घायल अवस्था में बरामदगी के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बाद में उसकी तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया गया।
पड़ताल का निष्कर्ष: आपके द्वारा भेजी गई अमर उजाला की पोस्ट में दी गई घटना 30 सितंबर 2026 को प्रकाशित अमर उजाला की रिपोर्ट से मेल खाती है। इसी घटना की पुष्टि एक अलग समाचार रिपोर्ट में भी हुई है। हालांकि, दुष्कर्म, हमले और पुलिस द्वारा कथित देरी से संबंधित बातें फिलहाल पीड़िता के आरोप और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं; इन्हें अदालत द्वारा सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं लिखा जाना चाहिए।
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