मड़ुआ की रोटी खाने से 45 महिलाएं बीमार, तीन की हालत गंभीर; डीएम-एसपी ने गांव पहुंचकर की जांच…….

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बलिया में मड़ुआ की रोटी खाने से 45 महिलाएं बीमार, तीन की हालत गंभीर; डीएम-एसपी ने गांव पहुंचकर की जांच

जिउतिया व्रत से पहले मड़ुआ की रोटी खाने के बाद बिगड़ी तबीयत

बलिया, 3 अक्टूबर 2026.

बलिया जिले के बांसडीह तहसील क्षेत्र के चोकन और आसचौरा गांवों में मड़ुआ के आटे से बनी रोटी और लिट्टी खाने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। 2 अक्टूबर को सामने आए मामले में जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह के अनुसार करीब 45 महिलाएं बीमार हुईं, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई गई। बाद की रिपोर्टों में प्रभावित लोगों की संख्या करीब 50 से अधिक होने तथा कुछ बच्चों और पुरुषों के भी बीमार होने की जानकारी सामने आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिउतिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत से पहले मड़ुआ की रोटी या लिट्टी खाने की स्थानीय परंपरा के तहत महिलाओं ने इसका सेवन किया था। सेवन के कुछ समय बाद कई लोगों को पेट दर्द, उल्टी, चक्कर और शरीर में कंपकंपी या झटके जैसी शिकायतें होने लगीं। इसके बाद परिजन बीमार लोगों को बांसडीह सीएचसी सहित जिला अस्पताल और अन्य अस्पतालों में लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने संदिग्ध फूड पॉइजनिंग के लक्षणों के आधार पर उपचार शुरू किया।

डीएम-एसपी ने अस्पताल और प्रभावित गांवों का किया दौरा

घटना की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों का हालचाल जाना। डीएम ने चिकित्सकों से मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी लेते हुए बेहतर उपचार और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। गंभीर मरीजों के लिए विशेष चिकित्सकीय टीम लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

इसके बाद डीएम और एसपी प्रभावित गांवों में पहुंचे और ग्रामीणों तथा बीमार महिलाओं के परिजनों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम और एंबुलेंस की व्यवस्था भी कराई है।

सोनू वर्मा की दुकान से आटा खरीदने की बात सामने आई

बीमार महिलाओं के परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार मड़ुआ का आटा सोनू वर्मा की दुकान से खरीदा गया था। इसी आटे से घरों में रोटी और लिट्टी तैयार की गई थी। सेवन के बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी।

हालांकि, आटे में मिलावट या विषाक्त पदार्थ होने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एक ही स्रोत से खरीदे गए आटे का सेवन करने के बाद कई लोगों के बीमार पड़ने के कारण इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल जरूर उठे हैं, लेकिन वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने लिए नमूने

मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है। टीम ने संबंधित खाद्य सामग्री और मड़ुआ के आटे के नमूने लेकर उनकी जांच की प्रक्रिया शुरू की है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बीमारी की वजह आटे की गुणवत्ता थी, खाद्य विषाक्तता का कोई अन्य कारण था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह रही।

प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी की ओर से यह भी कहा गया है कि जांच में यदि किसी व्यक्ति या संस्था की लापरवाही अथवा दोष सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी है।

45 महिलाओं से बढ़कर 50 से अधिक प्रभावितों की सूचना

घटना के शुरुआती चरण में जिलाधिकारी के हवाले से करीब 45 महिलाओं के बीमार होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद कुछ रिपोर्टों में संख्या करीब 49 महिलाओं और पांच बच्चों, जबकि अन्य रिपोर्टों में कुल प्रभावित लोगों की संख्या 51 तक बताई गई है। इसलिए फिलहाल घटना को केवल “45 महिलाएं” तक सीमित करना पूरी तस्वीर नहीं दर्शाता।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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