यूपी पुलिस का एक और सनसनीखेज कारनामा : दरोगा चोरी करते वायरल

NGV PRAKASH NEWS


मेरठ में खाकी पर फिर दाग: ट्रैफिक दारोगा पर रेडीमेड दुकान से चोरी का आरोप, वायरल वीडियो से मचा बवाल

मेरठ।
उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि को एक बार फिर झटका लगा है। मेरठ के हापुड़ अड्डे पर एक ट्रैफिक पुलिस दारोगा पर रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान से चोरी करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही शहर भर में आक्रोश फैल गया है। पुलिस महकमा भी इस मामले को लेकर कठघरे में आ गया है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना 10 जून 2025 की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में हापुड़ अड्डे पर तैनात ट्रैफिक दारोगा सुमित वशिष्ठ दुकान पर मौजूद दिख रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दारोगा दुकान पर आई भीड़ का फायदा उठाकर काउंटर पर रखे 3-4 रेडीमेड कपड़ों के पैकेट चुपचाप उठा लेता है और वहां से निकल जाता है।

दुकानदार का कहना है कि दारोगा सुमित वशिष्ठ अक्सर उसे और उसके ग्राहकों को परेशान करता था। दुकानदार का आरोप है कि दारोगा न केवल बेवजह चालान करता था बल्कि कभी-कभी डराने-धमकाने की कोशिश भी करता था।

व्यापारी वर्ग में गुस्सा

वीडियो सामने आने के बाद मेरठ के व्यापारियों में आक्रोश की लहर दौड़ गई। बीजेपी से जुड़े व्यापारी नेता अजय गुप्ता ने बताया कि दुकानदार ने सबसे पहले उन्हें यह वीडियो दिखाया। अजय गुप्ता ने खुद यह फुटेज पुलिस अधिकारियों को भेजा और सख्त कार्रवाई की मांग की।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरठ पुलिस प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी ट्रैफिक दारोगा सुमित वशिष्ठ को लाइन हाजिर कर दिया है। एसएसपी मेरठ ने मामले की जांच का जिम्मा एसपी सिटी को सौंपा है। एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र मिश्रा ने कहा है कि वायरल वीडियो की पूरी जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कड़ी कार्रवाई होगी।

पुलिस की छवि पर फिर सवाल

यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब यूपी पुलिस खुद को अनुशासित और जवाबदेह साबित करने की कोशिश कर रही है। लेकिन इस तरह की घटनाएं पुलिस पर लोगों का भरोसा कमजोर करती हैं। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई न हुई तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

सामाजिक और प्रशासनिक संदेश

यह प्रकरण एक बार फिर बताता है कि वर्दी पहनने वाले अफसरों की जवाबदेही और नैतिकता कितनी अहम है। यदि समाज के रक्षक ही ऐसे कामों में लिप्त हों तो व्यवस्था पर गहरा आघात लगता है।

👉 NGV PRAKASH NEWS की विशेष टिप्पणी:
यह घटना न केवल मेरठ पुलिस बल्कि पूरे पुलिस महकमे के लिए एक चेतावनी है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता पर जीरो टॉलरेंस की नीति को जमीनी स्तर पर लागू करना जरूरी है


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