मंकी पॉक्स पहुंचा पाकिस्तान भारत की बड़ी चिंताएं

जी.पी. दुबे
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NGV PRAKASH NEWS

दुनियाभर में इस समय Mpox चिंता का विषय बना हुआ है।
अफ्रीकी देशों में आतंक मचाने के बाद यह वायरस स्वीडन और फिर पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी घुसपैठ कर चुका है।
यहां पर इस जानलेवा वायरस के अब तक तीन मामले सामने आ चुके हैं। इतना ही नहीं इससे पहले इस बीमारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए डब्लू एच ओ ने इसे ग्लोबल इमरजेंसी घोषित किया है।
ऐसे में अब भारत में भी इसे लेकर चिंताएं बढ़ गई है।

इस वायरस के पाकिस्तान पहुंचने के बाद अब आशंका है कि यह भारत में भी अपने पैर पसार सकता है। ऐसे में इसे लेकर सावधानी बरतनी जरूरी है और साथ ही सही जानकारी भी होना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि एमपॉक्स एक वायरल जूनोटिक बीमारी, जिसे पहले मंकीपॉक्स के नाम से जाना जाता था। यह मुख्य रूप से मध्य और पश्चिम अफ्रीका के ट्रॉपिकल रेन फॉरेस्ट हिस्सों में पाई जाती है, लेकिन हाल ही में एशिया और यूरोप सहित दुनिया के कई हिस्सों में इसका प्रकोप सामने आया है।
हालांकि, एमपॉक्स आमतौर पर चेचक की तुलना में कम गंभीर होता है, लेकिन इसका कारण बनने वाला वायरस इससे संबंधित होता है।
एमपॉक्स फैलने का मुख्य तरीका किसी संक्रमित व्यक्ति या जानवर के साथ व्यक्तिगत संपर्क के साथ-साथ दूषित वस्तुओं के संपर्क में आना शामिल है।
यह बॉडी लिक्विड के सीधे संपर्क, त्वचा के घावों के संपर्क या रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट के जरिए फैल सकता है। इसके अलावा, गद्दे, कपड़े और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आकर दूषित हुई चीजों के संपर्क में आने से होता है। एमपॉक्स कभी-कभी गर्भनाल यानी प्लेसेटा के जरिए मां से भ्रूण तक पहुंच सकता है।

अफ्रीका और स्वीडन में हुई घटनाओं के बाद, एमपॉक्स अब पाकिस्तान तक फैल गया है, जिससे भारत जैसे आस-पास के देशों के लिए गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। पाकिस्तान से निकटता और वहां होने वाले सीमा पार आवा-जाही की वजह से इस वायरस के देश में प्रवेश करने की संभावना काफी ज्यादा है।
हालांकि, यह जानना भी जरूरी है कि भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पहले भी इस वायरल प्रकोप से निपट चुकी है। खासकर अगर यह डेंगू या मौसमी फ्लू जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के साथ ही होती है।

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