क्या है सडेन कार्डियक अरेस्ट

जी.पी. दुबे
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कार्डियक अरेस्ट की कंडीशन क्यों पैदा होती है?

कार्डियक अरेस्ट से कुछ ही मिनट में मौत हो सकती है

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर इंशा घई कालरा के पति अंकित कालरा की अचानक मौत हो गई |अंकित की उम्र महज 29 साल थी और उन्हें सोते-सोते कार्डियक अरेस्ट आ गया. सोशल साइट इंस्टाग्राम पर इंशा घई ने इस बात की जानकारी दी है |इन्फ्लुएंसर इंशा और अंकित कालरा इंस्टाग्राम पर अपनी मजेदार कपल रील्स के लिए मशहूर थे |
हैरानी वाली बात यह है कि अंकित कालरा की कोई मेडिकल हिस्ट्री नहीं थी, इसके बावजूद उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आ गया |
इस बारे में विशेषज्ञ कहते हैं कि
सडन कार्डियक अरेस्ट सोते हुए, चलते-फिरते, नाचते-गाते या फिर बैठे-बैठे हो सकता है. कार्डियक अरेस्ट की कंडीशन में लोगों का हार्ट खून को पंप करना बंद कर देता है और हार्ट स्टैंड स्टिल पोजीशन में चला जाता है. कार्डियक अरेस्ट की वजह से ब्रेन और शरीर के अन्य हिस्सों में खून की सप्लाई रुक जाती है. इससे व्यक्ति बेहोश होकर गिर जाता है और हार्टबीट बहुत ज्यादा हो जाती है. नॉर्मल हार्ट बीट 60-90 bpm होती है, जो कार्डियक अरेस्ट में 350-400 bpm तक हो जाती है. कार्डियक अरेस्ट के बाद कुछ ही मिनट में इलाज न मिले तो मौत हो जाती है.

डॉक्टर ने बताया कि आजकल कम उम्र के लोगों की अचानक मौत हो रही है, इसकी वजह सडन कार्डियक अरेस्ट होती है. कार्डियक अरेस्ट अचानक होता है और कुछ ही मिनट में व्यक्ति जान गंवा देता है. इस कंडीशन में हार्ट का इलेक्ट्रिकल नेटवर्क शॉर्ट सर्किट हो जाता है और लोगों की मौत हो जाती है. इसके लक्षण पहले से नजर नहीं आते हैं. हार्ट अटैक आने से पहले व्यक्ति के सीने में तेज दर्द होने लगता है, लेकिन कार्डियक अरेस्ट में सब कुछ अचानक होता है. कार्डियक अरेस्ट के मामलों में हॉस्पिटल तक पहुंचने से पहले ही अधिकतर लोगों की मौत हो जाती है.

कार्डियोलॉजिस्ट की मानें तो सडन कार्डियक अरेस्ट की सबसे बड़ी वजह अनहेल्दी लाइफस्टाइल, गलत खान-पान, अत्यधिक तनाव और स्मोकिंग है. कोरोना महामारी के बाद कोरोनरी आर्टरीज में क्लॉट फॉर्मेशन के मामले बढ़े हैं, जिससे सडन कार्डियक अरेस्ट और अन्य हार्ट डिजीज का खतरा कई गुना ज्यादा हो गया है. ज के दौर में लोगों को पता भी नहीं चलता और उनकी हार्ट हेल्थ बर्बाद हो जाती है. इससे बचने के लिए युवाओं को समय-समय पर अपनी हेल्थ का चेकअप कराना चाहिए और लाइफस्टाइल व खान-पान को सुधारना चाहिए.

डॉक्टर ने बताया कि वर्तमान समय में अत्यधिक स्ट्रेस हार्ट डिजीज का सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर बन गया है. अगर आपकी मेंटल हेल्थ सही रहेगी तो हार्ट डिजीज का खतरा कम हो जाएगा. जब कोई व्यक्ति अत्यधिक तनाव में होता है, तब शरीर में कई ऐसे हॉर्मोन्स रिलीज होते हैं, जो हमारी हार्ट हेल्थ को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं. स्ट्रेस की वजह से हार्ट को ब्लड की सप्लाई करने वाली आर्टरीज डैमेज हो सकती हैं और हार्ट का इलेक्ट्रिकल नेटवर्क शॉर्ट सर्किट हो जाता है. हार्ट को हेल्दी रखने के लिए स्ट्रेस को मैनेज करना भी बेहद जरूरी होता है |

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