पति और भाई के सामने एम्बुलेंस में दुष्कर्म की कोशिश

पति और भाई के सामने एंबुलेंस में महिला से दुष्कर्म की कोशिश

सिद्धार्थ नगर
जीवन मृत्यु से जूझ रहे पति को एंबुलेंस से ले जा रही महिला के साथ निजी एंबुलेंस की चालक और उसके साथ ही द्वारा दुष्कर्म की कोशिश की गई |
सफल न होने पर महिला के पति का ऑक्सीजन मास्क निकलकर और महिला के गहने और नगद रुपए छीन कर उनको बस्ती में गाड़ी से धकेल दिया गया |

यहां बताते चलें कि बांसी कोतवाली क्षेत्र की एक गांव की महिला ने 28 अगस्त को अपनी बीमार पति को इंदिरा नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था लेकिन इलाज के लिए पैसे कम पड़ जाने की वजह से महिला ने डॉक्टर से डिस्चार्ज कर देने के लिए कहा |
अस्पताल के कर्मचारियों ने महिला को एक प्राइवेट एंबुलेंस का नंबर दिया और उसने उसे नंबर पर बात की उसके बाद बृहस्पतिवार शाम 6:30 पर पति और अपने 17 वर्षीय भाई के साथ घर के लिए चल दिए |

कुछ दूरी पर चलने के बाद एक पेट्रोल पंप के पास एम्बुलेंस चालक ने गाड़ी रोक दिया और कहा कि रात है तुम महिला हो आगे वाली सीट पर बैठ जाओ | महिला महिला के अनुसार उसने मना कर दिया परंतु कई बार कहने पर मजबूरी में उसे आगे वाली सीट पर बैठना पड़ा और ड्राइवर ने महिला के भाई को पीछे मरीज के साथ बैठा दिया |
आप है कुछ दूर चलने के बाद ड्राइवर और उसका साथी महिला के साथ छेड़खानी करना शुरू कर दिए | महिला द्वारा बार-बार मना करने के बाद जब वह नहीं माने तो महिला शोर मचाने लगी | महिला की आवाज सुनकर पीछे सीट पर बैठे उसके भाई ने भी शोर मचाना चालू कर दिया लेकिन गाड़ी का शीशा बंद होने का वजह से उनकी आवाज बाहर नहीं जा रही थी |
लगभग 11:30 पर रात में थाना छावनी क्षेत्र में एंबुलेंस रोक दी तथा महिला के भाई को आगे की सीट पर बैठ कर गाड़ी लाकर गाड़ी के बाहर महिला के साथ दुष्कर्म की कोशिश करने लगे असफल होने पर महिला को मारपीट कर उसके गाने तथा नगदी, मोबाइल छीन लिया और उसके पति क्या मसक निकालकर गाड़ी से बाहर धकेल दिया | भाई को भी गाड़ी खोलकर बाहर निकालने के बाद वह लोग फरार हो गए |

महिला के भाई ने डायल 112 और 108 पर फोन कर सहायता मांगी |
एंबुलेंस द्वारा उसके पति को बस्ती एडमिट कराया गया लेकिन सुधार न होते देखा उसे मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया लेकिन मेडिकल कॉलेज पहुंचने के पहले ही उसके पति ने दम तोड़ दिया|

महिला द्वारा थाना छावनी में प्रार्थना€ पत्र देने की कोशिश की गई लेकिन लखनऊ का मामला बताकर उसे डाल दिया गया |.
इसके बाद महिला ने लखनऊ के गाजीपुर थाने में प्रार्थना पत्र दिया |

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