ऐसा कुंड जिसका पानी पीने से असाध्य रोग भी हो जाते हैं ठीक

सीता कुंड का पानी पीने से ठीक होते रोग

हमारा देश विभिन्न प्रकार की आस्थाओं, मान्यताओं और श्रद्धा से जुड़ा हुआ है, जिसमें अनेक मान्यताएं और आस्थाएं सदियों से चली आ रही हैं |
ऐसी एक आस्था का स्थान है मध्य प्रदेश में स्थित सीताकुंड |
मान्यता है कि इस कुंड का पानी पीने से पुराने से पुरानी बीमारियां भी जड़ से खत्म हो जाती हैं |
इसी मान्यता के चलते लोग आते हैं और यहां से पानी लेकर घर जाते हैं |

मध्य प्रदेश में पन्ना के विश्रामगंज में घने जंगल के बीच चुआ धाम में सीता कुंड स्थिति है,जिससे पूरे साल तेज प्रवाह के साथ पानी निकलता रहता है । लोगों की मान्यता है कि इस कुंड का पानी पीने से जटिल असाध्य रोग ठीक हो जाते हैं। बताया जाता है कि भगवान राम वनवास के दौरान इस धाम में आए थे।
पन्ना जिले में घने जंगलों के बीच चुआ धाम में स्थित है एक कुंड । बताया जाता है यह एक चमत्कारिक कुंड है। इसका नाम सीता कुंड है।
इस कुंड से पूरे साल तेज गति से जल प्रवाहित होता रहता है। लोग मानते हैं कि इस कुंड का पानी पीने से जटिल असाध्य रोग ठीक हो जाते हैं। सीता कुंड से पानी हमेशा निकलता रहता है।

पहाड़ी खेड़ा रोड से 15 किलोमीटर दूर पन्ना वन परिक्षेत्र अंतर्गत विश्रामगंज के घने जंगलों के बीच चुआ धाम स्थित है ।
जहां पर सीता कुंड नामक घाट बना हुआ है। यहां पर लगभग 1 फीट गड्ढे से पूरे साल 365 दिन पानी निकलता रहता है । इसे लोग चमत्कार मानते हैं। लोगों की मान्यता है कि इस पानी में कई औषधीय गुण मौजूद हैं। इसलिए इस पानी को पीने से जटिल असाध्य रोग ठीक हो जाते हैं। जिससे कई लोग यहां आकर कुंड का पानी पीते हैं और घर भी ले जाते हैं ।

छतरपुर जिले के राजनगर निवासी धीरज सोनी ने बताया कि “पूर्व में उनके भाई यहां पर आए थे. सीता कुंड का पानी पीने के बाद उनका रोग दूर हो गया. जिसके बाद वे यहां पहुंचे हैं और अपने साथ पानी ले जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि “मुझे कुछ तकलीफ है और मेरी पूरी श्रद्धा है कि मुझे भी अपने रोगों से मुक्ति मिलेगी।*

स्थानीय लोग बताते हैं कि भगवान राम वनवास के दौरान इस धाम में आए थे।
इसलिए इस कुंड का नाम सीता कुंड पड़ गया है । यहीं से भगवान राम सारंगधाम गए थे, इसलिए इस स्थान का बहुत अधिक महत्व है। इसके पास में ही नदी बहती है जहां जंगली जानवरों का आना-जाना रहता है, क्योंकि यह स्थान घने जंगलों के बीच में स्थित है। यहां पर हनुमान मंदिर और शिव मंदिर सहित अनेक प्राचीन मंदिर स्थापित हैं ।

ग्रामीण बताते हैं कि गर्मियों में पानी और तेजी से निकलता है । जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है वैसे-वैसे पानी का प्रवाह तेज होता जाता है।
गर्मी के कारण बगल में बहती हुई नदी सूख भी जाती है पर सीता कुंड का पानी कभी नहीं सूखता है।
इसी कुंड के पानी से नदी का प्रवाह चलता रहता है, क्योंकि सीता कुंड का पानी नदी में जाकर मिल जाता है।

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