
जी. पी. दुबे
चम्पारण में रिंग बांध टूटा
चम्पारण 1 अक्टूबर 24.
बिहार के 16 जिले बाढ़ से प्रभावित चल रहे हैं |
पानी के तेज बहाव में पति पत्नी बच्ची सहित आठ लोग बह गए।
एन डी आर एफ की टीम उनकी तलाश कर रही है है।
वहीं तटबंधों की निगरानी के लिए 106 इंजीनियरों की टीम लगाई गई है |
यहां बताते चलें कि
पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया से लेकर चखनी गांव तक फैला चंपारण तटबंध से जुड़ा पीड़ी रिंग बांध बैरिया के नीतीश नगर के पास बह गया ।
जिसके कारण रनहा, पखनहा, मलाही, घोड़ईया, सुर्यपुर सपंचायतों के साथ लगभग 30 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि बांध की मरम्मत और मजबूत करने के कार्यों में लापरवाही बरती गई थी। इस कारण ऐसा हुआ है। पहले भी बांध की कमजोर स्थिति को लेकर चेतावनी दी गई थी।
लेकिन समय पर कदम नहीं उठाए गए।
इधर, बांध टूटने के बाद प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
ग्रामीणों को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा जा रहा है।
गंभीरता को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है।
दरभंगा, किरतपुर प्रखंड क्षेत्र के भूभौल गांव में कोसी नदी के तटबंध टूटने के बाद अब तबाही आने लगी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बांध टूटने के बाद से भूभौल गांव में पति पत्नी सहित तीन लोग लापता हो गए है।
मंगलवार रात को तटबंध टूटने बाद परिजनों ने पहले समझा कही जान बचाकर तीनो लोग रह रहे होंगे लेकिन काफी खोजबीन करने के बाद भी तीनो का कोई पता नही मिल सका है। लापता होने वालों में भूभौल के कनून टोला के बीनो साह और उनकी पत्नी सरस्वती देवी लापता जबकि मुसहरी टोल से रामेश्वर सदा लापता बताए जा रहे है।
परिजनों ने इनकी तलाश के लिए जिला प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई है।
गंडक कोसी, बागमती, महानंदा में आई बाढ़ के कारण 16 जिलों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इन 16 जिलों में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, शिवहर, सीतामढ़ी, सुपौल, सीवान, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, मधुबनी, दरभंगा, सहरसा और सारण के 55 प्रखंडों के 269 ग्राम पंचायतों नौ लाख 90 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
इतना ही नहीं तेज बहाव में पति पत्नी,बच्ची समेत आठ लोग बह गए।
कोसी तटबंधन में करीब 80 हजार लोग फंसे हुए हैं। 10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है।
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