
सेवानिवृत कर्मचारी को पेंशन और फंड न मिलने से भुखमरी के कगार पर
बस्ती 8 अक्टूबर 24.
बेसिक शिक्षा विभाग से सेवा निर्वित हुए गिरजेश बहादुर श्रीवास्तव को रिटायर होने की 3 वर्ष बाद भी उनके फंड बोनस तथा पेंशन न मिलने के कारण वह तथा उनके परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है |
यहां बताते चलें कि गिरजेश बहादुर श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश यार्न कंपनी लिमिटेड जौनपुर में कार्यरत थे |
बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखपुर के 2006 में लिपिक के विज्ञापन के आधार पर साक्षात्कार एवं पूर्ण विधिक कार्यवाही के उपरांत प्रतिनियुक्ति पर जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय में सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत आंशु लिपिक के पद पर तैनाती हुई |
2012 में उत्तर प्रदेश यार्न कंपनी लिमिटेड को बंद करने का नोटिस मिल गया जिसके आधार पर कंपनी के सभी कर्मचारियों की सेवाएं जुलाई 2012 में समाप्त हो गई |
जिसके आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखपुर को गिरजेश बहादुर श्रीवास्तव को कार्य मुक्त करते हुए अपना योगदान अपने मूल विभाग उत्तर प्रदेश यार्न कंपनी लिमिटेड में देने के लिए कहा गया |
परंतु तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखपुर द्वारा गिरजेश बहादुर श्रीवास्तव के पिता के नाम व पद नाम में भिन्नता को देखते हुए इनके वापसी को अगले आदेश तक स्थगित करते हुए, अपने पद पर बने रहने के लिए कहा गया |
उसके बाद श्रीवास्तव द्वारा सर्व शिक्षा अभियान में आंशु लिपिक के पद पर कार्य करते हुए 60 वर्ष की उम्र पूरी हो जाने के बाद 30-11- 2021 को रिटायर हो गए |
रिटायर होने के 3 वर्ष बीत जाने के बाद भी श्रीवास्तव को उनके फंड बोनस तथा पेंशन का भुगतान बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा नहीं किया जा रहा है |
इस मामले में गिरजेश बहादुर श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखपुर द्वारा उत्तर प्रदेश यार्न कंपनी लिमिटेड के बंद होने के पश्चात सर्व शिक्षा अभियान में इनकी द्वारा दी गई सेवाओं को टेक्निकल रूप देते हुए इनके भुगतान पर रोक लगा दिया गया है |
वही श्रीवास्तव का कहना है कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी उन्होंने अपनी सेवाएं ईमानदारी के साथ विभाग को प्रदान की |
आगे उन्होंने कहा कि वर्तमान बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखपुर द्वारा जानबूझकर उनके पेंशन तथा देय का भुगतान नहीं किया जा रहा है |
उन्होंने कहा कि भुगतान न होने से उनका परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच जा रहा है |
वर्तमान में बहादुर श्रीवास्तव नई कॉलोनी बैरिहवा, गांधीनगर जिला बस्ती में रह रहे हैं |


