
जी.पी. दुबे
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वीडियो बहादुरपुर को जान माल की धमकी: डर के कारण नहीं पा जा रहे कार्यालय
बस्ती.
वीडियो बहादुरपुर दबंग के डर के कारण कार्यालय नहीं जा पा रहे हैं और डर की वजह से वह घर पर ही छिपे हुए हैं |
खंड विकास अधिकारी बहादुरपुर गणेश दत्त शुक्ल ने पुलिस अधीक्षक को दिए पत्र में अपनी जान माल की रक्षा का गुहार लगाते हुए आरोप लगाया है कि शैलेंद्र दुबे पुत्र कृष्ण कुमार निवासी ग्राम पिपरौला / बबूरहिया विकासखंड बहादुरपुर बस्ती द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है |
दिए गए प्रार्थना पत्र में उन्होंने कहा है कि 2 नवंबर 24 को विकास भवन के श्रम आयुक्त कार्यालय के बाहर जब मैं मीटिंग में प्रतिभाग करने जा रहा था तो शैलेंद्र दुबे अपने चार साथियों के साथ मिले और मेरे ऊपर अब शब्दों का प्रयोग करते हुए कार्यालय के गेट तक गए तथा मीटिंग तक रुकने को कहे और मुझे जान से मारने की धमकी दिए |
मीटिंग की समाप्ति के बाद मैं जब नीचे उतर रहा था तो सीडीओ के पास की अपने 10 साथियों के साथ मिले और मुझे गाली गलौज देते हुए हाथापाई करने की कोशिश किये | मैं किसी तरह बच बचा कर अपनी गाड़ी में बैठा |
पुनः 3 दिसंबर को मैं बहादुरपुर कार्यालय जा रहा था तभी मुझे पता चला कि रास्ते में कहीं शैलेंद्र दुबे अपने साथियों के साथ मुझे करने के लिए बैठे हैं जिसके कारण मैं विकासखंड बहादुरपुर ना जा सका और वापस चला आया |
खंड विकास अधिकारी ने आगे बताया कि 26 अक्टूबर 24 को शैलेंद्र कुमार दुबे मेरे कार्यालय में लगभग 1:00 बजे आए जब मैं उस समय दो लोगों से वार्ता कर रहा था | उन लोगों यह वार्ता की बात कह कर बाहर कर दिया तथा अपने तीन साथियों को अंदर बुला लिए | उनके द्वारा दरवाजा अंदर से लॉक कर मेरा पर्सनल तथा सीयूजी फोन को अपने नियंत्रण में ले लिया | उसके पश्चात मुझे secure की आईडी तथा पासवर्ड मनरेगा कार्य को जबरन करने के लिए मांगने लगे मेरे ना देने पर मुझे हाथा पाई तथा गाली गलौज करने लगे | जिसके कारण मेरा चश्मा गिरकर टूट गया |
उसके बाद मुझे पिस्तौल निकाल कर धमकाते हुए 20 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति करने के लिए कहा | मेरे द्वारा 60:40 की ही स्वीकृत करने की बात पर या मुझे धमकाये | इस समय परियोजना निदेशक का फोन आ गया जिस पर मुझे कुछ ना बताने की धमकी देते हुए मुझे फोन दिए | उसके बाद मुझे जान माल की धमकी देती हुई चले गए |
मामले में विकासखंड अधिकारी ने अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए कहा है कि यदि मेरे साथ कोई घटना हुई तो उसकी जिम्मेदार शैलेंद्र दुबे ही होंगे |
वही मामले में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि कृष्ण कुमार दुबे के पुत्र शैलेंद्र कुमार दुबे का कहना है कि मीना से अपना दफ्तर छोड़कर फरार चल रहे खंड विकास अधिकारी के ऑफिस में 26 अक्टूबर को खंड विकास अधिकारी के द्वारा कमीशन खोरी पर नाराजगी जताई गई थी |
जिसके कारण उन्होंने मनगढ़ंत कहानी रच कर झूठा आरोप लगाया
है |


