ऐसा “वी आई पी” चोर जिनके कारनामे सुनकर पुलिस भी रह गई दंग

जी.पी. दुबे
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ऐसा VIP’ चोर , कारनामे सुनकर पुलिस भी हो गई हैरान

गोरखपुर 12 दिसंबर 24.
पुलिस को एक ऐसा वी आई पी चोर हाथ लगा जो केवल फाइव स्टार होटलों को ही निशाना बनाता था |

प्राप्त जानकारी के अनुसार
गोरखपुर पुलिस ने एक ऐसे वीआईपी चोर को गिरफ्तार किया है,जिसने देश के कई नामी होटलों में चोरी की घटना को अंजाम दिया है।
जयेश नाम का यह शातिर चोर पूरी तरह से सूट-बूट पहनकर होटलों में जाता था और खुद को होटल का कर्मचारी बताकर लोगों को धोखा देता था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है
गोरखपुर में एक तिलक के दौरान उसने चोरी की घटना को अंजाम दिया|
उसके बाद अज्ञात चोर के अलावा होटल के कर्मचारियो को पर भी मुकदमा पंजीकृत किया गया |

पुलिस के अनुसार दिल्ली से गोरखपुर आने के बाद इस शातिर चोर जयेश ने यहां के नामी होटल में वारदात करने का अपना प्लान बनाया, जिसने पुलिस के साथ ही होटल के सुरक्षाकर्मियों को भी चौंका दिया।
तिलक समारोह के पहुंचने के बाद इस चोर, ने न केवल अपनी चालाकी से सबको धोखा दे दिया , बल्कि कर्मचारियों तक को अपने जाल में फंसाकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। इस चोरी के बाद होटल के साख पर भी धब्बा लग गया |
उसके पकड़े जाने पर जहां घटना का पर्दाफाश हुआ वहीं होटल की साख व कर्मचारियों के माथे पर लगा संदेह का दाग भी मिट गया।
शातिर चोर जयेश
सुबह 10 बजे दिल्ली से गोरखपुर पहुंचा। काली मंदिर के पास स्थित एक होटल में कमरा लिया और इंटरनेट पर सबसे महंगे होटल की तलाश शुरू की। उसकी तलाश काेर्ट यार्ड मैरियट पर जाकर रुक गई । उसके बाद वह शाम चार बजे पूरी तरह सूटेड बूटेड होकर होटल पहुंचा | उस समय होटल में अनूप बंका के भतीजे का तिलक समारोह चल रहा था और वहां भीड़ थी।
जयेश ने धीरे-धीरे माहौल का जायजा लिया और उसे यह समझने में देर नहीं लगी कि सब लोग उसे होटल का कर्मचारी समझ रहे हैं। उसके उसने अपने प्लान को आगे बढ़ते हुए अनूप बंका के परिवार के बारे में जानकारी जुटाई, जो तिलक में शामिल थे। वह जानता था कि अगर उसने सही वक्त पर सही सवाल पूछे, तो किसी को संदेह नहीं होगा। फिर शुरू हुआ उसका असली खेल।
जयेश ने अनूप के कमरे का पता लगाया उसके बाद लिफ्ट के पास खड़े होकर रिसेप्शन पर फोन किया। अपना नाम अनूप बंका बताते हुए कहा कमरा खुल नहीं रहा है, मास्टर चाबी भेज दीजिए।” रिसेप्शनिस्ट को लगा कि यह सामान्य बात है, और उसने तुरंत चाबी भेज दी। अब जयेश ने अपनी चालाकी दिखानी शुरू की।

जैसे ही कर्मचारी कमरे में दाखिल हुआ, जयेश ने मौका पाकर बैग में 10 लाख रुपये कीमत के गहने और तीन लाख रुपये का सामान चोरी कर लिया। इसके बाद उसने खामोशी से होटल छोड़ दिया। ई-रिक्शा से रेलवे स्टेशन पहुंचा, फिर वहां से दूसरा ई-रिक्शा लेकर अपने कमरे पर लौटा। अगले दिन बस से लखनऊ और फिर वहां से ट्रेन पकड़कर मुंबई भाग निकला।
उसका पीछा करने का किसी को मौका नहीं मिला।
यह वारदात होटल के कर्मचारियों को भी चौंका गई थी। पुलिस ने कर्मचारियों से पूछताछ की, वह संदेह के दायरे में तब तक रहे जब तक जयेश पकड़ा नहीं गया। उसके बारे में यह भी सामने आया कि उसकी पत्नी ने 2010 में तलाक दे दिया था और अब वह अकेला मुंबई में रहता है।

एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि आरोपित जयेश अकेले ही चोरी की वारदात को अंजाम देता है। अभी तक उसने 17 जिले मुंबई, चेन्नई, आगरा, जयपुर, कोयम्बटूर, जोधपुर, हैदराबाद, विशाखापट्टनम, जालंधर, चंडीगढ़, केरल, रायपुर, कलकत्ता, उदयपुर,लखनऊ, गोवाहाटी, करनाल और गोरखपुर के 24 पांच सितारा व सात सितारा होटलो में चोरी की घटना को अंजाम दे चुका है।
गोरखपुर में चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद वह बच निकला था। इसके बाद वह एक बार फिर यहां चोरी की घटना को अंजाम देने आया था, इससे पहले ही पकड़ लिया गया। इसके पहले भी वह देश के विभिन्न जेलों में 10 वर्ष तक बंद रहा है।
सूट-बूट पहने होने से नहीं रोकता था कोई
आरोपी जब पांच या सात सितरा होटल में जब चोरी करने जाता था तो पूरी तरह से तैयार होकर जाता था। सूट-बूट और टाई लगाने से होटल के कर्मंचारी से लेकर मैनेजर तक को यह अहसास नहीं होता था कि वह चोर है। बिना रोक टोक के उसे अंदर जाने दिया जाता था। इसके बाद वह होटल के अंदर चल रहे समारोह में घुल-मिलकर सभी जानकारी प्राप्त कर लेता था और घटना को अंजाम देकर फरार हो जाता था।

जयेश ने वर्ष 2000 में दो बार मुंबई के ताज होटल से दो लैपटाप चोरी किया। वर्ष 2003 में बैंगलुरु के होटल से लैपटाप, कैमरा, डालर व अन्य सामान, वर्ष 2004 में गोडिया थाना क्षेत्र में स्थित होटल से सामान, वर्ष 2006 में आगरा के होटल से 17 हजार डालर, वर्ष 2012 में जयपुर के होटल से जेवर, कोयम्बटूर के होटल से जेवर व नकदी, वर्ष 2014 में जोधपुर के होटल से जेवर, वर्ष 2015-16 में हैदराबाद के होटल से जेवर, वर्ष 2017 में हैदाराबाद के होटल से जेवर, वर्ष 2016 में जयपुर के होटल से जेवर, वर्ष 2017 में विशाखापटनम के होटल से नकदी, चंडीगढ़ के होटल से जेवर, जालंधर के होटल से जेवर, केरल के होटल से जेवर, रायपुर के होटल से जेवर व नकदी, कोलकाता के होटल से जेवर व नकदी, लखनऊ के होटल से तीन लाख रुपये, वर्ष 2018 में हैदाराबाद के होटल से 10 लाख रुपये के जेवर, वर्ष 2021 में उदयपुर के होटल से जेवर व नकदी, जयपुर के होटल से जेवर व नकदी, वर्ष 2022 में आसाम के होटल से नकदी व जेवर, वर्ष 2023 में नागर के होटल से जेवर और करनाल हरियाणा के होटल से जेवर व नकदी चोरी कर चुका है। इसके बाद वह गोरखपुर के कोर्टयार्ड होटल में चोरी किया था और दोबारा करने आया था।
इन वर्षो में इतने माह रहा है जेल में
वर्ष 2003 में मुंबई के होटल में लैपटाप चोरी करने के आरोप में तीन माह जेल में रहा। इसी वर्ष बैंगलुरु के होटल में चोरी करने के आरोप में तीन माह चेल में रहा। वर्ष 2004 में चेन्नई के होटल में चोरी करने के आरोप में नौ महिने जेल में रहा। वर्ष 2007 में आगरा के होटल में चोरी करने के आरोप में साढ़े चार वर्ष जेल में रहा। वर्ष 2017 में हैदराबाद के होटल में चोरी करने के आरोप में सात महिने जेल में रहा। वर्ष 2021 में जयपुर में औश्र वर्ष 2023 में करनाल व गुवाहाटी के जेल में बंद रहा।

शातिर चोर जयेश 👆

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