हृदयविदारक घटना: नशेड़ी पति की प्रताड़ना से तंग आकर मां ने तीन मासूम बच्चों के साथ की आत्महत्या

जी.पी.दुबे
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प्रतापगढ़ में हृदयविदारक घटना: नशेड़ी पति की प्रताड़ना से तंग आकर मां ने तीन मासूम बच्चों के साथ की आत्महत्या

प्रतापगढ़| 22 दिसंबर 24.
जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के भदोही गोविंदपुर गांव में शनिवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। नशेड़ी पति की प्रताड़ना और घरेलू हिंसा से तंग आकर एक महिला ने अपने डेढ़ साल के तीन बच्चों को फंदे से लटका दिया और फिर खुद भी फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

घटना का दर्दनाक सिलसिला

सीआरपीएफ से दरोगा पद से सेवानिवृत्त रामबरन के इकलौते बेटे संदीप की शादी 10 नवंबर 2022 को अंतू के मवैया टिकई का पुरवा निवासी दुर्गेश्वरी (26) से हुई थी। शादी के बाद परिवार को संदीप के नशे की लत और बेरोजगारी की चिंता सताने लगी।

17 अगस्त 2023 को दुर्गेश्वरी ने एक निजी अस्पताल में तीन बच्चों को जन्म दिया—दो बेटियां लक्ष्मी और उजाला और एक बेटा रौनक। तीनों बच्चों का जन्म समय से पहले हुआ था, जिसके चलते उन्हें एक महीने तक आईसीयू में रखा गया। बच्चों की देखभाल और इलाज पर करीब 20 लाख रुपये खर्च किए गए, जिसे रामबरन ने अपनी जमा-पूंजी से पूरा किया।

दुर्गेश्वरी बच्चों को लेकर दो महीने तक मायके में रही और फिर ससुराल लौट आई। हालांकि, संदीप की नशे की लत और हिंसक प्रवृत्ति में कोई सुधार नहीं आया।

घरेलू कलह बनी मौत की वजह

शुक्रवार शाम करीब 7 बजे संदीप शराब के नशे में घर आया। बच्चों से प्यार करने के बहाने उसने दुर्गेश्वरी से झगड़ा शुरू कर दिया। नौबत मारपीट तक पहुंच गई। सास सुनीता बीच-बचाव करने आईं, तो संदीप ने उनके साथ भी बदसलूकी की।

रात 12 बजे तक घर में लड़ाई-झगड़ा चलता रहा। सास सुनीता ने संदीप को दूसरे कमरे में बंद कर दिया और खुद बरामदे में जाकर सो गईं। दुर्गेश्वरी अपने बच्चों के साथ कमरे में चली गई।

सुबह करीब 7 बजे जब सुनीता उठीं और बहू को आवाज दी, तो कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजा खटखटाने और धक्का देने पर दरवाजा खुला, तो अंदर का दृश्य देखकर वह दहशत में चीख उठीं।

दुर्गेश्वरी फंदे पर लटकी हुई थी। साथ ही बेटियां लक्ष्मी और उजाला तथा बेटा रौनक भी फंदे पर झूल रहे थे।

पुलिस जांच और आरोप

घटना की सूचना मिलते ही एसपी डॉ. अनिल कुमार, सीओ सिटी शिवनारायण और थानाध्यक्ष अभिषेक सिरोही मौके पर पहुंचे। मृतका के पिता जगदंबा ने आरोप लगाया कि संदीप और उसके माता-पिता लगातार दहेज के लिए दुर्गेश्वरी को प्रताड़ित कर रहे थे।

पुलिस ने मृतका के पिता की तहरीर पर पति संदीप, सास सुनीता और ससुर रामबरन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सास-ससुर को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि आरोपी पति संदीप फरार है।

परिवार का दर्द और सामाजिक हालात

रामबरन, जो सीआरपीएफ में दरोगा थे, ने बेटे की पढ़ाई पर काफी खर्च किया था। उन्होंने उसे सीबीएसई बोर्ड से पढ़ाया, लेकिन वह 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़कर गलत संगत में पड़ गया।

पिता ने सुधार की उम्मीद में उसकी शादी कर दी, लेकिन वह शराब और नशे का आदी बना रहा। संदीप बसों और ट्रेनों में मोबाइल की लीड बेचने लगा और कमाए हुए पैसे दोस्तों के साथ शराब पीने में उड़ा देता था।

रामबरन ने पेट्रोल पंप खोलने का लाइसेंस भी लिया था, लेकिन बेटे की लत के चलते उन्होंने यह योजना छोड़ दी।

दुर्गेश्वरी ने बेहद दर्दनाक तरीके से अपनी और बच्चों की जान ली। कमरे में पाइप की अरगनी से उसने बेटियों लक्ष्मी और उजाला को सफेद साड़ी के सहारे फांसी लगाई। बेटे रौनक को लाल साडी पंखे की हुक से लटकाने के बाद स्टॉल के ऊपर चढ़कर खुद फांसी लगाई |

पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि नशेड़ी पर्वत की पत्नी रात में पत्नी के साथ मारपीट की थी | जिसके कारण कलह से ऊब कर उसने बच्चों के साथ आत्महत्या कर लिया |

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