
Gyan Prakash Dubey
दिल्ली में 52 लाख की लूट—पुलिस कांस्टेबल की मिलीभगत, जयपुर से चल रही थी साजिश
नई दिल्ली, 31 दिसंबर 2024 – दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में 52 लाख रुपये की लूट के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस वारदात में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें दिल्ली पुलिस का एक कांस्टेबल भी शामिल है। पुलिस ने उनके पास से 40 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। मामले का सरगना जयपुर से पूरी साजिश का संचालन कर रहा था।
वारदात की पूरी कहानी
डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि 21 दिसंबर को महेश ठाकोर अपने साथी के साथ पीतमपुरा से 52 लाख रुपये लेकर लौट रहे थे। वे मेट्रो से पुरानी दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में सराय रोहिल्ला इलाके में बाइक सवार बदमाशों ने पिस्टल दिखाकर उनसे नकदी लूट ली।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
वारदात के बाद पुलिस ने एसएचओ सराय रोहिल्ला विकास राना और स्पेशल स्टाफ प्रभारी रोहित सारस्वत के नेतृत्व में जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पता चला कि बदमाश अशोक विहार में बाइक छोड़कर ऑटो से लक्ष्मी नगर भाग गए थे। पुलिस ने फेस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर की मदद से बदमाशों की पहचान की।
छह आरोपी गिरफ्तार
एसआई विक्रम काला की टीम ने लक्ष्मी नगर स्थित ठिकाने पर छापा मारकर विजय, मंगल, आमिर, घनश्याम और समय सिंह मीणा को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, एसआई प्रवीन शर्मा और एसआई मनोज तोमर की टीम ने जयपुर से सरगना रानू पंडित को दबोच लिया।
पुलिस कांस्टेबल ने निभाई अहम भूमिका
जांच में खुलासा हुआ कि दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल समय सिंह मीणा ने इस लूट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसकी जिम्मेदारी पीतमपुरा मेट्रो स्टेशन पर खड़े होकर शिकार की पहचान करना थी। 21 दिसंबर को जैसे ही महेश ठाकोर मेट्रो स्टेशन पर उतरे, समय सिंह ने इसकी जानकारी सरगना रानू पंडित को दे दी। इसके बाद रानू ने पहले से तैयार बदमाशों को लूट की सूचना दी।
डीसीपी राजा बांठिया ने कहा, “यह मामला बेहद गंभीर है, क्योंकि इसमें दिल्ली पुलिस का कांस्टेबल भी शामिल पाया गया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। अपराधियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।”
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने 40 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं और बाकी रकम की तलाश जारी है। आरोपियों से पूछताछ कर लूट की योजना और उनके संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।
इस वारदात ने पुलिस विभाग के भीतर मौजूद भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह अपने विभाग में किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
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