
जी. पी. दुबे
एम्स गोरखपुर: न्यूरो सर्जन डॉ. राहुल गुप्ता ने दिया इस्तीफा, मरीजों की बढ़ेगी मुश्किलें
गोरखपुर, 25 जनवरी।
ऑपरेशन थियेटर (ओटी) और एनेस्थीसिया डॉक्टर की अनुपलब्धता से परेशान होकर एम्स गोरखपुर के इकलौते न्यूरो सर्जन डॉ. राहुल गुप्ता ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने 1 जनवरी को अपना इस्तीफा सौंपा था, जिसकी नोटिस अवधि 31 जनवरी को समाप्त हो रही है। इसके बाद वे एम्स में सेवा नहीं देंगे।
न्यूरो सर्जरी विभाग पर संकट
डॉ. राहुल गुप्ता ने 27 जुलाई 2023 को एम्स गोरखपुर में कार्यभार ग्रहण किया था। उनकी नियुक्ति के बाद एम्स में न्यूरो सर्जरी ओपीडी शुरू हुई और मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधा मिलने लगी। लेकिन सीमित संसाधनों के चलते वे केवल 90 सर्जरी ही कर सके।
सूत्रों के मुताबिक, एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टरों का सहयोग न मिलने से ऑपरेशन बार-बार रद्द करना पड़ा। मरीजों को ऑपरेशन के लिए तैयार करने के बाद पता चलता कि एनेस्थीसिया डॉक्टर छुट्टी पर चले गए हैं, जिससे ऑपरेशन नहीं हो पाता।
चार सौ से अधिक मरीज हुए रेफर
हर महीने न्यूरो सर्जरी विभाग में करीब 3000 मरीज पहुंचते हैं, जिनमें से कई को तत्काल सर्जरी की जरूरत होती है। संसाधनों की कमी के कारण 400 से अधिक मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर किया जा चुका है।
न्यूरोलॉजिस्ट की नई नियुक्ति, सर्जरी का भविष्य अनिश्चित
अक्टूबर 2024 में न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आशुतोष तिवारी ने कार्यभार संभाला, लेकिन वह केवल परामर्श दे सकते हैं। सर्जरी का जिम्मा अब भी डॉ. राहुल गुप्ता पर ही है। उनके इस्तीफे के बाद मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ सकता है।
डॉ. राहुल गुप्ता का इस्तीफा फिलहाल स्वीकार नहीं किया गया है। लेकिन अगर उनका इस्तीफा स्वीकृत हो जाता है, तो एम्स गोरखपुर में न्यूरो सर्जरी सेवाएं ठप होने का खतरा है।
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