
अगर बच्चा और प्रेगनेंसी के महिला के स्तनों से दूध निकलने लगा, डॉक्टर भी रह गए हैरान
पुणे, 9 जनवरी 2025
पुणे में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक महिला न तो गर्भवती थी और न ही स्तनपान करा रही थी, फिर भी उसके स्तनों से दूध निकलने लगा। यह असामान्य स्थिति देख महिला घबरा गई और तुरंत डॉक्टर से संपर्क किया। जब महिला जुपिटर अस्पताल की ब्रेस्ट सर्जन डॉ. प्रांजली गाडगिल के पास पहुंची, तो पहले डॉक्टर भी इस घटना से हैरान रह गईं।
गर्दन दर्द और दूध स्राव का संबंध
महिला ने डॉक्टर को बताया कि उसे कुछ दिनों से गर्दन में ऐंठन और दर्द हो रहा था। दर्द से राहत पाने के लिए उसने एक ऑर्थोपेडिक से मसाज और इलाज करवाया। डॉक्टर ने दर्द कम करने के लिए उसे एंटी-इन्फ्लेमेटरी दवा और Pantoprazole-Domperidone (Pan D) लिखी थी। यह दवा आमतौर पर गैस्ट्रिक और एसिड रिफ्लक्स की समस्या के लिए दी जाती है।
डॉ. गाडगिल ने जब महिला से विस्तार से बात की, तो उन्हें शक हुआ कि यह समस्या दवा के कारण हो सकती है। जांच में पता चला कि Domperidone नामक दवा शरीर में प्रोलैक्टिन हार्मोन के स्तर को बढ़ा देती है, जो गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान दूध स्राव के लिए जिम्मेदार होता है।
गलैक्टोरिया: बिना गर्भ के दूध स्राव
डॉ. गाडगिल ने इस स्थिति को गलैक्टोरिया बताया। यह ऐसी स्थिति है, जिसमें महिलाओं के स्तनों से दूध तब निकलने लगता है, जब वे गर्भवती नहीं होतीं या स्तनपान नहीं करा रही होतीं। इसके कई संभावित कारण हो सकते हैं, जैसे:
- दवाओं का साइड इफेक्ट (जैसे Pantoprazole और Domperidone)।
- पिट्यूटरी ग्रंथि में ट्यूमर।
- थायरॉयड की समस्या।
डॉ. गाडगिल की सावधानी से सुलझा मामला
महिला की परेशानी को समझने के लिए डॉ. गाडगिल ने उसे आश्वस्त किया और बताया कि यह कोई गंभीर समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ दवा के साइड इफेक्ट के कारण है। महिला ने डॉक्टर की सलाह पर दवा बंद कर दी।
डॉ. गाडगिल ने महिला को यह भी बताया कि शरीर में प्रोलैक्टिन हार्मोन का बढ़ना कई बार पिट्यूटरी ट्यूमर या अन्य जटिल कारणों से भी हो सकता है। उन्होंने महिला को स्कैन और अन्य टेस्ट करवाने की सलाह दी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि कोई अन्य कारण नहीं है। रिपोर्ट्स सामान्य आने के बाद महिला को तसल्ली हुई।
क्या है गलैक्टोरिया?
डॉ. गाडगिल के अनुसार, गलैक्टोरिया कई कारणों से हो सकता है:
- हार्मोनल असंतुलन: प्रोलैक्टिन का अत्यधिक स्राव।
- दवाओं का प्रभाव: Pantoprazole, Domperidone और Omeprazole जैसी दवाएं।
- शारीरिक समस्याएं: पिट्यूटरी ट्यूमर, थायरॉयड विकार।
महिला अब पूरी तरह स्वस्थ
महिला ने दवा बंद करने के बाद डॉक्टर से फॉलो-अप किया, जिसमें पता चला कि दूध स्राव की समस्या पूरी तरह ठीक हो गई है। यह मामला बताता है कि डॉक्टरों को मरीज की दवाओं और उनके संभावित साइड इफेक्ट्स पर हमेशा ध्यान देना चाहिए।
डॉ. गाडगिल का संदेश
“गलैक्टोरिया जैसी स्थिति भले ही असामान्य हो, लेकिन यह जरूरी नहीं कि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो। कई बार साधारण दवाओं के साइड इफेक्ट भी ऐसी स्थिति पैदा कर सकते हैं। डॉक्टरों को चाहिए कि वे मरीज से पूरी जानकारी लें और उनकी स्थिति को ध्यान से समझें।”
(टीम NGV प्रकाश न्यूज़ के लिए विशेष रिपोर्ट)

