
बेटे के डिपोर्ट होने से सदमे में परिवार, पिता की हालत खराब, 41 लाख लगाकर भेजा था अमेरिका
6 फरवरी 25.
हाल ही में अमेरिका से निर्वासित किए गए 104 भारतीय अपने घर लौट चुके हैं। इनमें से कई युवाओं को परिवारों ने लाखों रुपये खर्च करके विदेश भेजा था, लेकिन अब वे हथकड़ियों में जकड़े हुए स्वदेश लौटे हैं।
हरियाणा के प्रदीप का परिवार सदमे में
हरियाणा के जरौत गांव का 22 वर्षीय प्रदीप भी अमेरिका से डिपोर्ट होकर लौटा है। उसके परिवार ने उसे विदेश भेजने के लिए 41 लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन अब वह वापस आ चुका है। बेटे की वापसी से पूरा परिवार सदमे में है, और प्रदीप के पिता की हालत इतनी खराब है कि वे किसी से बात करने की स्थिति में नहीं हैं।
गांव में विदेश जाने की होड़
स्थानीय लोगों के मुताबिक, गांव के युवा खेती नहीं करना चाहते, इसलिए वे विदेश जाने का सपना देखते हैं। इसी वजह से कई परिवार अपनी जमीन बेचकर अपने बेटों को बाहर भेजते हैं। जरौत गांव से ही करीब 25 युवक विदेश में हैं।
डिपोर्ट हुए आकाश की भी दर्दनाक कहानी
प्रदीप की ही तरह करनाल के घरौंडा के कालरों गांव के 20 वर्षीय आकाश को भी डिपोर्ट कर दिया गया। उसके परिवार ने उसे अमेरिका भेजने के लिए ढाई एकड़ जमीन बेच दी थी। कुल मिलाकर, अमेरिका जाने पर 72 लाख रुपये खर्च हुए, लेकिन अब वह वापस लौट आया है।
मैक्सिको बॉर्डर पार करने के दौरान पकड़े गए
डिपोर्ट किए गए अधिकांश भारतीय वैध वीजा पर यात्रा करने के बाद ‘डंकी रूट’ के जरिए अमेरिका में घुसने की कोशिश कर रहे थे। इन्हें मेक्सिको-अमेरिका सीमा पर पकड़ा गया और अमेरिका ने निर्वासित कर दिया। पंजाब से 31, हरियाणा से 30, गुजरात से 27, उत्तर प्रदेश से 3, महाराष्ट्र से 4 और चंडीगढ़ से 2 लोग इस सूची में शामिल हैं।
अमेरिका द्वारा जारी किए गए डिपोर्टेशन वीडियो में दिखाया गया कि सभी भारतीय हथकड़ियों में जकड़े हुए थे। इस मुद्दे पर भारत में भी हंगामा मचा हुआ है। संसद के बाहर विपक्षी सांसदों ने हथकड़ियां पहनकर प्रदर्शन किया और सरकार से अवैध रूप से विदेश भेजने वाले एजेंटों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
NGV PRAKASH NEWS

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