ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत : पति नें किडनी निकालने का लगाया आरोप

मुजफ्फरनगर: ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत, परिजनों का हंगामा

मुजफ्फरनगर, 24 फरवरी 2025 – उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के थानाभवन क्षेत्र स्थित गगन हॉस्पिटल में पित्त की थैली में पथरी के ऑपरेशन के दौरान 35 वर्षीय सोनिया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोनिया गांव जौला में आशा कार्यकर्ता थीं। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया। आरोप है कि घटना के बाद डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ मौके से फरार हो गए। इस घटना से आक्रोशित भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की।

मामले में दर्ज हुई रिपोर्ट, किडनी निकालने का आरोप

मृतका के पति देशराज की शिकायत पर गगन हॉस्पिटल के संचालक अबरार, उनकी पत्नी और दो अन्य डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। देशराज ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी की किडनी निकालने की कोशिश की गई, जिसके चलते उसकी मौत हो गई।

ऑपरेशन के बाद फरार हुए डॉक्टर और स्टाफ

गांव जौला निवासी सोनिया को रविवार को गगन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। रात में ऑपरेशन के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने बिना किसी पूर्व जांच और लिखित सहमति के ऑपरेशन कर दिया। जब सोनिया की मौत हो गई, तो अस्पताल प्रबंधन ने परिवार को कोई सूचना नहीं दी और डॉक्टर व स्टाफ मौके से भाग निकले। देर रात जब परिजनों को इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने अस्पताल में हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

भीम आर्मी ने किया प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन

सोमवार को भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष प्रभात कुमार, अन्य कार्यकर्ताओं और परिजनों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। कार्यकर्ताओं ने डीएम के नाम एसडीएम हामिद हुसैन को ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद प्रशासन ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

जांच में अस्पताल पर गंभीर आरोप

महिला की मौत के बाद जब पंजीयन नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार जांच के लिए हॉस्पिटल पहुंचे, तो वहां ताला लगा मिला। जांच में पता चला कि यह अस्पताल केवल ओपीडी और डे-केयर सेवाओं के लिए अधिकृत था, लेकिन यहां ऑपरेशन जैसी प्रक्रियाएं भी की जा रही थीं। अस्पताल में कोई अधिकृत सर्जन नहीं था, फिर भी ऑपरेशन किया गया। प्रशासन ने हॉस्पिटल संचालक और डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब देने को कहा है।

पति ने दी आत्मदाह की चेतावनी

मृतका के पति देशराज का कहना है कि उनकी पत्नी स्वस्थ थी और आशा कार्यकर्ता होने के कारण अबरार से उनकी जान-पहचान थी। अबरार ने सोनिया को ऑपरेशन कराने के लिए बुलाया था, लेकिन बिना उचित देखरेख के सर्जरी कर दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई। देशराज ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने ऑपरेशन से पहले कोई लिखित अनुमति नहीं ली और उनकी पत्नी की किडनी निकालने का प्रयास किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह पत्नी के शव के साथ आत्मदाह कर लेंगे।

प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की बात कही है। यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और गैरकानूनी चिकित्सीय प्रक्रियाओं की ओर संकेत करता है, जिससे आम जनता की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

NGV PRAKASH NEWS

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