
बिजली विभाग और बिजली कंपनियों की सांठगांठ का सवाल, उपभोक्ताओं की जेब पर असर!
देशभर में गर्मी के बढ़ते ही बिजली की समस्या एक बार फिर से सिर उठाने लगी है। लगातार हो रहे बिजली कटौती, वोल्टेज की अनियमितता और बिजली से चलने वाले उपकरणों के जलने की घटनाएं आम हो चुकी हैं। सवाल यह उठता है कि क्या यह सब महज एक तकनीकी समस्या है, या फिर इसके पीछे बिजली विभाग और बिजली का सामान बनाने वाली कंपनियों की कोई साजिश छिपी हुई है?
बार-बार बिजली का आना-जाना
बिजली का बार-बार आना-जाना उपभोक्ताओं के लिए बड़ी परेशानी बन चुका है। अचानक बिजली चले जाने और फिर अचानक वापस आने से न केवल लोगों की दिनचर्या प्रभावित होती है, बल्कि इससे उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी खराब हो रहे हैं। इसके चलते आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वोल्टेज का कम-ज्यादा होना
बिजली की अनियमितता का सबसे बड़ा उदाहरण वोल्टेज की अस्थिरता है। कई बार वोल्टेज इतना कम हो जाता है कि उपकरण ठीक से काम नहीं करते और कई बार इतना ज्यादा हो जाता है कि वे जल जाते हैं। यह समस्या लगातार बनी हुई है, लेकिन बिजली विभाग के पास इसका कोई ठोस समाधान नहीं दिखता।
बिजली उपकरणों का खराब होना और बढ़ती बिक्री
वोल्टेज की अनियमितता के कारण कई इलेक्ट्रॉनिक और घरेलू उपकरण खराब हो रहे हैं। इससे ग्राहकों को नए उपकरण खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे बिजली का सामान बनाने वाली कंपनियों की बिक्री बढ़ रही है। यह सवाल खड़ा करता है कि कहीं यह कंपनियों और बिजली विभाग की मिलीभगत का परिणाम तो नहीं?
गर्मी में काम करना, ठंड में सुस्ताना!
बिजली विभाग द्वारा मरम्मत और मेंटेनेंस का कार्य आमतौर पर ठंड के मौसम में किया जाना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो। लेकिन, इसे गर्मी के समय किया जाता है जब बिजली की सबसे अधिक जरूरत होती है। इस दौरान बार-बार बिजली कटौती की जाती है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह भी शक पैदा करता है कि क्या यह सब किसी सुनियोजित रणनीति का हिस्सा तो नहीं?
इनवर्टर और बैटरी की बढ़ती मांग
बिजली कटौती से परेशान लोग इनवर्टर और बैटरी खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। इनकी मांग बढ़ने से बाजार में इनकी बिक्री भी बढ़ गई है। यह संदेह पैदा करता है कि कहीं बिजली कंपनियां और इनवर्टर-बैटरी निर्माता आपसी गठजोड़ कर तो नहीं चल रहे?
बिजली से जुड़ी इन समस्याओं को देखकर जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सरकार और प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है ताकि आम जनता को राहत मिल सके और किसी भी प्रकार की मिलीभगत पर नकेल कसी जा सके।
NGV PRAKASH NEWS

