👉 भाजपा की गुटबाजी भी नजर आई..

आदर्श उपाध्याय की मौत पर राजनीति – भाजपा की गुट बाजी भी खुलकर आई सामने
बस्ती.
दुबौलिया थाना क्षेत्र के उभाई ग्राम में कथित रूप से पुलिस की पिटाई से मरे आदर्श उपाध्याय की मौत के बाद जो राजनीति का सिलसिला चालू हुआ वह बड़ा दस्तूर जारी है |
दबाव में जहां पर पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने जिलाधिकारी रवीश गुप्ता के निर्देश पर उसे समय प्रभारी निरीक्षक रहे जितेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया वही हल्का दरोगा और सिपाही शिवम सिंह को सस्पेंड कर दिया |
यही नहीं मामले की न्यायिक जांच के लिए जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी प्रतिपाल सिंह चौहान तथा अपर पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह के नेतृत्व में जांच टीम भी बना दिया |
जांच टीम द्वारा 30 मार्च को मृतक के घर पहुंच कर परिजनों से बातचीत किया गया तथा थाना दुबौलिया पहुंचकर सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग को जांच के लिए ले लिया गया |
आदर्श उपाध्याय के पोस्टमार्टम में जहां मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया वही पुलिस विभाग दोषियों को बचाने में लगा दिखाई देता है |
आदर्श उपाध्याय के मामले में प्रमुख बिंदु जो पुलिस को दोष ठहराता है वह यह है कि..
👉पुलिस जब आदर्श उपाध्याय को 24 मार्च को को पूछताछ के लिए ले गई तो पुलिस ने आदर्श उपाध्याय को 25 मार्च 25 को छोड़ देने के बाद मारपीट का मुकदमा कैसे पंजीकृत कर लिया |
👉अगर मुकदमा पंजीकृत किया तो उसे घर क्यों जाने दिया शांत भांग में चालान क्यों नहीं किया |
अब अगर राजनीतिक दलों की बात करें तो भाजपा,कांग्रेस, समाजवादी पार्टी द्वारा मृतक आदर्श उपाध्याय के घर जाकर दुख प्रकट किया गया |
वहीं भाजपा के पूर्व सदर से विधायक रहे दयाराम चौधरी द्वारा पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की गई |
समाजवादी पार्टी के सांसद रामप्रसाद चौधरी, विधायक महेंद्र नाथ यादव तथा अतुल चौधरी द्वारा पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें ₹1 लाख की राशि प्रदान की गई |
बहादुरपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख तथा नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि समाजसेवी राणा दिनेश प्रताप सिंह द्वारा पीड़ित परिवार से मिलकर ₹50000 रुपए दिए गए |
मामले में हिंदू महासंघ के अध्यक्ष अखिलेश सिंह तथा अन्य संगठनों द्वारा भी पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी गई |
यहां पर सबसे नोट करने वाली बात यह है कि भारत जनता पार्टी की गुटबाजी यहां खुलकर सामने नजर आई |
भाजपा के दयाराम चौधरी अकेले गए |
26 मार्च को जहां भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद मिश्र, कप्तानगंज के पूर्व भाजपा विधायक चंद्र प्रकाश शुक्ला पुलिस पर कार्यवाही को लेकर देर रात तक डटे रहे वहीं हरैया क्षेत्र के भाजपा विधायक अजय सिंह का कहीं अता-पता नहीं था |
भारतीय जनता पार्टी के दो बार लगातार बस्ती से सांसद रहे हरीश द्विवेदी ना तो पीड़ित परिवार से मिलने गए और ना ही उनका कोई प्रतिनिधि गया |
लगातार आरोप लगने के बाद भाजपा की हरैया क्षेत्र से विधायक अजय सिंह 31 मार्च को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और और सिपाही के साथ अपने संबंधों का खंडन करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने 20 मार्च को ही सिपाही के खिलाफ कार्यवाही के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र दिया था |
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता तथा पुलिस के ऊपर कार्यवाही के लिए वह उसी दिन से प्रयासरत थे |
उन्होंने यहां तक का डाला की जो इस मामले में झूठ बोलेगा उसे श्राप लगेगा |
👉 (बीजेपी की गुटबाजी उसे समय उजागर हुई जब 22 मार्च को होली मिलन समारोह में जो दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री महेश शुक्ला द्वारा अटल ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया था उसमें सांसद हरीश द्विवेदी ना पहुंचकर उसी दिन उन्होंने परशुरामपुर में होली मिलन समारोह के आयोजन में शिरकत किया |)
👉वही इस मामले में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने अधिकार आयोग को पत्र लिखकर पुलिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने विवेचना सीआईडी से करवाने की मांग की है |
👉 पूर्व सांसद कुशल तिवारी ने भी पहुंचकर परिवार के साथ शोक संवेदना व्यक्त करते हुए आर्थिक सहायता प्रदान की |
बहरहाल आदर्श उपाध्याय मौत का मामला अब राज्य स्तर की राजनीति पर पहुंच चुका है | अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मामले पर कब से ज्ञान लेते हैं और प्रशासन क्या कार्यवाही करता है |
NGV PRAKASH NEWS
👉 देर से प्राप्त समाचार के अनुसार भाजपा के बस्ती जिले के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी भी पीड़ित के घर पहुंचे


