
वाराणसी गैंगरेप केस में नया मोड़: SIT गठित, आगे की गिरफ्तारी पर रोक, पुलिस कमिश्नर बोले- झूठे आरोप साबित हुए तो होगी कानूनी कार्रवाई
17 अप्रैल 2025 | वाराणसीवाराणसी में एक युवती द्वारा लगाए गए कथित गैंगरेप के मामले में नया मोड़ आ गया है। 23 युवकों पर एक सप्ताह तक दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली इस केस की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) को सौंप दी गई है। वाराणसी पुलिस कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया है और रिपोर्ट आने तक किसी भी नई गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।पुलिस कमिश्नर का यह निर्णय उन साक्ष्यों के आधार पर लिया गया है, जो गुरुवार को आरोपियों के परिजनों ने कमिश्नर कार्यालय में प्रस्तुत किए। परिजनों ने वीडियो और तस्वीरें उपलब्ध कराईं, जिनमें युवती आरोपियों के साथ सामान्य अवस्था में घूमती-फिरती नजर आ रही है। वीडियो उस अवधि के हैं, जब गैंगरेप की घटना होने का दावा किया गया था। साथ ही, युवती की इंस्टाग्राम चैट्स भी सामने आई हैं, जिनमें उसने खुद मिलने की पहल की थी।यह मामला 29 मार्च से 4 अप्रैल के बीच का है, जब युवती की मां ने लालपुर-पांडेयपुर थाने में गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराई थी। एफआईआर में कहा गया था कि युवती को बहला-फुसलाकर विभिन्न जगहों पर ले जाया गया और उसके साथ कई दिनों तक दुष्कर्म किया गया। मगर अब सामने आए डिजिटल साक्ष्य मामले को एक अलग दिशा में ले जा रहे हैं।31 मार्च को रिकॉर्ड एक वीडियो में युवती तीन युवकों – सोहेल, आयुष और दानिश – के साथ एक रेस्टोरेंट के पास सामान्य स्थिति में देखी जा रही है। वीडियो में कथित तौर पर चौथा आरोपी शाहिद रिकॉर्डिंग कर रहा है। साथ ही, इंस्टाग्राम पर युवती की एक्टिविटी, चैट्स और 2 अप्रैल को पोस्ट की गई सेल्फी जैसी चीजें इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि मामला उतना सीधा नहीं है जितना शुरुआत में बताया गया।युवती की मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की बाहरी चोट या मानसिक असंतुलन की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि युवती ने कुछ युवकों के नाम एफआईआर में शामिल करने के बदले पैसे लिए, जबकि कुछ से और पैसों की मांग की। पुलिस यह जांच भी कर रही है कि क्या यह पूरा मामला किसी ब्लैकमेलिंग रैकेट या जबरन वसूली से जुड़ा हुआ है।इन तमाम आरोपों के मद्देनजर पुलिस कमिश्नर ने SIT का गठन किया है जिसमें एक DCP, एक महिला IPS अधिकारी, एक ACP, सर्विलांस टीम, SOG और एक वरिष्ठ जांच अधिकारी को शामिल किया गया है। टीम को एक महीने में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। साथ ही, पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी निर्दोष को फंसाया गया है, तो कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर न्याय दिलाया जाएगा।अब तक इस मामले में 12 ज्ञात और 11 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें से दो अज्ञात युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बाकी अभी फरार हैं। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ लोग ‘वरूली’ (समझौते की रकम) की मांग कर उन्हें धमका रहे हैं।PM नरेंद्र मोदी ने भी अपने वाराणसी दौरे के दौरान इस मामले को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए थे। अब यह देखना होगा कि SIT की जांच क्या नया सच सामने लाती है और क्या युवती के आरोप सही साबित होते हैं या यह पूरा मामला किसी गहरी साजिश का हिस्सा था।
NGV PRAKASH NEWS—

