
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना: किसान के दुख में सरकार बनी ढाल, 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता का प्रावधान
बस्ती, 19 जून 2025 | NGV PRAKASH NEWS
उत्तर प्रदेश के मेहनतकश किसानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने एक संवेदनशील और कल्याणकारी पहल की है — मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना। यह योजना किसानों और उनके परिवारों के लिए किसी दुर्घटना या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहारा बनकर सामने आती है। सरकार इस योजना के तहत पात्र किसानों के परिजनों को ₹5 लाख तक की सहायता राशि उपलब्ध करवा रही है।
🌾 कृषि के संघर्ष में सरकार की संवेदना
भारत का किसान खेत में मेहनत करता है — तपती धूप हो या ठिठुरती ठंड, बारिश की बौछार हो या बिजली की गड़गड़ाहट। पर कई बार यही मौसम, दुर्घटना या दुर्भाग्य बनकर उसके जीवन को छीन लेता है। ऐसे में परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है। ऐसे हालात में यह योजना उस टूटते परिवार के लिए सरकार की सहानुभूति और सहायता का प्रतीक बनती है।
🛡️ क्या है मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना?
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2019 में शुरू की गई यह योजना राज्य के किसानों को सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से बनाई गई है। यह योजना उन किसानों के लिए है जो 14 सितंबर 2019 के बाद किसी दुर्घटना के शिकार हुए हों।
👉 योजना की मुख्य विशेषताएं:
- किसी किसान की दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹5 लाख की आर्थिक सहायता।
- दुर्घटना के बाद यदि किसान दिव्यांग हो जाता है, तो उसे भी आर्थिक मदद दी जाती है।
- राज्य के स्थायी निवासी, जिनकी आयु 18 से 70 वर्ष के बीच हो — वे पात्र हैं।
- खातेदार, सह-खातेदार, पट्टाधारक, बटाईदार सभी शामिल हैं।
⚠️ किन दुर्घटनाओं पर मिलता है लाभ?
इस योजना के तहत विभिन्न कारणों से होने वाली दुर्घटनाओं पर लाभ दिया जाता है:
- आकाशीय बिजली गिरना
- सांप, जानवर या जीव-जंतु के काटने से मृत्यु
- रेल, सड़क, जल या हवाई दुर्घटना
- डूबने, आग लगने, मकान गिरने, आंधी-तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाएं
- हत्या, आतंकवादी हमला, लूट, डकैती या अन्य आपराधिक घटनाएं
- सीवर, कुएं, तालाब, झील आदि में गिरने से मौत
🧾 किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?
योजना का लाभ लेने के लिए निम्न दस्तावेज जरूरी हैं:
- खतौनी की प्रमाणित प्रति
- मृत्यु प्रमाण पत्र / दिव्यांगता प्रमाण पत्र
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट / पंचनामा
- आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छाया प्रति
- उत्तराधिकार प्रमाण पत्र
- मोबाइल नंबर, निवास प्रमाण आदि
सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन की प्रक्रिया को सुगम बना दिया है, जिससे किसान या उनके परिवार कहीं से भी आवेदन कर सकते हैं।
📊 अब तक 1 लाख से अधिक किसान परिवार हुए लाभान्वित
योजना के अंतर्गत अब तक 1,01,237 किसानों को कुल ₹4,252.50 करोड़ की सहायता राशि दी जा चुकी है। यह आंकड़ा बताता है कि सरकार सिर्फ वादा नहीं करती, बल्कि ज़मीनी स्तर पर काम भी करती है।
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