
इंसानियत शर्मसार: शव वाहन को रोका, विधायक की कार को मिली छूट
👉 मोदी के नाम पर जीत रहे भाजपा नेताओं में लग रहा है गर्व चुका है | मानवता नाम की कोई चीज उनके अंदर नहीं रह गई है | पी यम मोदी के नाम पर जीत रहे वह मोदी से सीख भी नहीं ले रहे हैं कि कैसे उन्होंने अपना काफिला रुकवा कर एंबुलेंस को निकलने दिया था |
हमीरपुर, 29 जून 2025, NGV PRAKASH NEWS
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से गुजरने वाले कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित यमुना पुल की मरम्मत के चलते शनिवार और रविवार को सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहती है। लेकिन इस व्यवस्था के बीच वीआईपी संस्कृति की झलक एक बार फिर सामने आई है, जिसने न सिर्फ प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि मानवता को भी शर्मसार कर दिया है।
शनिवार को जहां एक ओर प्रशासन ने मरम्मत कार्य के चलते एक शव वाहन को पुल पार करने से रोक दिया, वहीं दूसरी ओर भाजपा विधायक मनोज प्रजापति की गाड़ी उसी प्रतिबंधित पुल से बेरोकटोक गुजरती देखी गई। यह दृश्य न केवल विरोधाभासी था, बल्कि आम जनता के लिए व्यवस्था की कठोरता और खास लोगों के लिए लचीलेपन का प्रतीक बन गया।
शव को स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा
थाना सुमेरपुर क्षेत्र के टेढ़ा गांव निवासी बिंदा ने बताया कि उनकी मां शिव देवी, जिनका पैर फैक्चर हुआ था, कानपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान शनिवार सुबह चल बसीं। बिंदा अपनी मां के शव को एंबुलेंस में लेकर गांव लौट रहे थे, लेकिन यमुना पुल पर तैनात पुलिस ने सुबह 9:30 बजे के करीब एंबुलेंस को रोक दिया। प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें अनुमति नहीं दी गई।
मजबूरी में बेटे ने एंबुलेंस ड्राइवर की मदद से अपनी मां के शव को स्ट्रेचर पर लादा और करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर पुल पार किया। इस मार्मिक दृश्य ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।
विधायक बोले- यातायात बंद नहीं था
विधायक मनोज प्रजापति ने सफाई दी कि जब वह पुल से गुजर रहे थे, तब यातायात पूरी तरह बंद नहीं था, इसलिए उनकी गाड़ी को अनुमति मिली। लेकिन इसी पुल से कुछ देर बाद गुजरने वाले शव वाहन को रोकना प्रशासन की नीयत पर सवाल खड़े करता है।
जानकारी के मुताबिक, इससे पहले भी 21 जून को राज्य के प्रमुख सचिव का काफिला इसी प्रतिबंधित पुल से होकर गुजरा था।
विपक्ष का वार, सरकार कठघरे में
इस घटना पर विपक्ष ने योगी सरकार को जमकर घेरा है। समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा,
“भाजपा सरकार में जनता बेबस और मजबूर। हमीरपुर में योगी सरकार के तंत्र ने फिर मानवता को किया शर्मसार। जहां एक तरफ बंद पुल पर एंबुलेंस को रोका गया, वहीं विधायक की गाड़ी निकल गई। बेहद शर्मनाक। जनता जवाब देगी।”
यह मामला सिर्फ एक शव वाहन को रोकने या एक गाड़ी के निकल जाने भर का नहीं है, यह उस तंत्र की तस्वीर है जिसमें आम और खास के लिए दो अलग-अलग नियम बनते हैं। जब तक प्रशासन की आंखें पद और प्रतिष्ठा के आधार पर कानून लागू करती रहेंगी, तब तक ऐसी घटनाएं आम जन की पीड़ा को बार-बार उजागर करती रहेंगी।
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