स्थानीय लोगों के मोर्चा संभालने के 20 मिनट के अंदर काबू में आ गए उपद्रवी

NGV PRAKASH NEWS

प्रयागराज में सांसद चंद्रशेखर के समर्थकों का उपद्रव: करछना में पथराव, वाहनों में आगजनी, पुलिसकर्मी घायल, इलाके में तनाव
— कानून-व्यवस्था पर भारी पड़ी राजनीति, पुलिस ने 60 उपद्रवियों की पहचान की, 20 हिरासत में

(प्रयागराज, 30 जून 2025 | रिपोर्ट: NGV PRAKASH NEWS)

प्रयागराज का करछना इलाका रविवार को हिंसा की चपेट में आ गया, जब आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद को प्रयागराज एयरपोर्ट पर रोकने की खबर फैली। इसके विरोध में उनके समर्थकों ने भड़ेवरा बाजार और करछना-कोहड़ार मार्ग पर भारी हंगामा खड़ा कर दिया। दो घंटे तक बाजार और सड़कें अराजकता का दृश्य बनी रहीं, जिसमें आमजन, राहगीर और दुकानदार आतंकित हो उठे।

स्थानीय जनता ने संभाला मोर्चा, पुलिस को मिली हिम्मत

जब हालात बेकाबू हो गए और पुलिस भीड़ को नियंत्रित नहीं कर पा रही थी, तब स्थानीय बाजार के दुकानदारों और ग्रामीणों ने आगे आकर मोर्चा संभाला। उनके सक्रिय होने के बाद पुलिस ने भी बल प्रयोग शुरू किया, जिससे उपद्रवी भाग निकले और महज 20 मिनट में बवाल शांत हो गया।

उग्र प्रदर्शनकारियों की करतूतें

प्रदर्शनकारियों ने:

  • पुलिस की तीन गाड़ियों सहित 12 वाहनों में तोड़फोड़ की।
  • 15 बाइकें जला डालीं।
  • चौकी प्रभारी सहित छह पुलिसकर्मी घायल कर दिए।
  • 250 मीटर तक बाजार और सड़क पर पत्थरबाजी और तांडव मचाया।

चंद्रशेखर को रोके जाने से भड़का गुस्सा

चंद्रशेखर आजाद रविवार सुबह प्रयागराज पहुंचे थे। उन्हें कौशांबी के लोहंदा गांव में दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों और करछना के लोहंगपुर में जिंदा जलाकर मारे गए दलित युवक के घर जाना था। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था के मद्देनजर उन्हें एयरपोर्ट से सर्किट हाउस ले जाकर रोक दिया।

इसकी जानकारी जब करछना में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं को मिली तो उन्होंने गुस्से में आकर रास्ता जाम कर दिया और पुलिस टीम पर हमला बोल दिया।

42 लावारिस बाइकें जब्त, उपद्रवियों की पहचान शुरू

पुलिस ने मौके पर 42 लावारिस बाइकें बरामद की हैं, जिन्हें सीज़ कर थाने लाया गया है।
डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया कि सभी बाइकों के नंबर ट्रेस कर मालिकों को नोटिस भेजा जाएगा और पूछताछ की जाएगी।

कानून का शिकंजा कसने को तैयार पुलिस

एडीसीपी अपराध डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि:

  • आरोपियों के खिलाफ लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, और रासुका (NSA) के तहत कार्यवाही की जाएगी।
  • अब तक 50-60 उपद्रवियों की पहचान की जा चुकी है और 20 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
  • चंद्रशेखर को रोकने का निर्णय पूरी तरह कानून-व्यवस्था की दृष्टि से लिया गया था।

सोशल मीडिया पर पल-पल की अपडेट देकर भड़काया माहौल

इस दौरान चंद्रशेखर आज़ाद सोशल मीडिया के माध्यम से अपने समर्थकों को पल-पल की जानकारी देते रहे, जिससे उनके समर्थक और अधिक उग्र हो उठे। यह कदम भीड़ को उकसाने में अहम भूमिका निभाता नजर आया।


प्रयागराज में हुई यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि जब राजनीति, जनसंवेदना और कानून व्यवस्था आपस में टकराते हैं, तो सबसे ज्यादा नुकसान आम जनता और शांति व्यवस्था को होता है।

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