

बुलंदशहर में महिला थाना प्रभारी से वर्दीधारियों की बदसलूकी, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड — विभागीय छवि पर फिर उठे सवाल
बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश), 10 जुलाई 2025 | NGV PRAKASH NEWS
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने न केवल पुलिस महकमे की आंतरिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि कानून के रखवालों की सोच और चरित्र पर भी गंभीर शंका पैदा कर दी है।
यह मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी का है, जहां एक महिला थाना प्रभारी के साथ उन्हीं के विभाग के कुछ पुलिसकर्मियों ने नशे की हालत में गाली-गलौज, बदसलूकी और जानलेवा हरकत की।
वर्दी में थे, लेकिन नशे में भी थे
घटना उस समय हुई जब महिला थाना प्रभारी सादी वर्दी में अपने थाने जा रही थीं। रास्ते में वर्दीधारी पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि वे शराब के नशे में चूर थे और उन्होंने महिला अधिकारी के साथ पहले अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया और फिर शारीरिक रूप से धमकाने की कोशिश की।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि महिला अधिकारी ने खुद बयान दिया कि आरोपियों ने उनके ऊपर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की, जो किसी भी दृष्टिकोण से हत्या की कोशिश के तहत आती है।
सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस
थाना प्रभारी द्वारा उच्चाधिकारियों को तत्काल सूचना देने के बाद, सिटी कोतवाली क्षेत्र की पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपित पुलिसकर्मियों को गाड़ी समेत हिरासत में लेकर चौकी ले जाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
एसएसपी ने दिए सख्त निर्देश, दो सस्पेंड
पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार के निर्देश पर जांच शुरू हुई और प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की विभागीय जांच अब भी जारी है और संभावना है कि दोषियों पर और सख्त कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस की साख पर बट्टा
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि जब कानून लागू करने वाले ही कानून तोड़ते हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा और भरोसे पर गहरी चोट पहुंचती है। जब एक महिला थाना प्रभारी — जो खुद एक उच्च पदस्थ अधिकारी हैं — उनके साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम महिलाओं और नागरिकों के लिए न्याय की राह कितनी कठिन होगी?
सवाल यही है: कौन देखेगा वर्दी के भीतर की सोच?
इस घटना ने यूपी पुलिस के उस चेहरे को बेनकाब किया है, जो अक्सर आंकड़ों और प्रेस ब्रीफिंग में छिपा रह जाता है। वर्दी पहन लेने भर से अगर मानसिकता नहीं बदली जाती, तो वर्दी सिर्फ एक आवरण बनकर रह जाती है।
NGV PRAKASH NEWS की यह मांग है कि ऐसे मामलों में तेजी से न्याय हो, और महिला सुरक्षा को लेकर दावों के बजाय जमीनी सच्चाई पर कार्यवाही हो।
आम जनता अब पूछ रही है:
“जब वर्दीधारी महिला भी सुरक्षित नहीं, तो फिर आम महिलाओं का क्या?”
NGV PRAKASH NEWS
