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बागपत: दहेज उत्पीड़न से परेशान मनीषा ने निगला ज़हर, हाथ-पैर पर लिखा सुसाइड नोट, पति समेत ससुराल वालों पर लगाए गंभीर आरोप
बागपत, 17 जुलाई 2025।
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रठौड़ा गांव से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा से त्रस्त एक 24 वर्षीय महिला मनीषा ने आत्महत्या कर ली। शादी के दो साल बाद ही पति द्वारा तलाक मांगे जाने और बार-बार मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना झेल रही मनीषा ने मंगलवार की रात कीटनाशक पीकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
बुधवार सुबह जब परिजनों की नींद खुली, तो उन्होंने मनीषा का शव घर में पड़ा पाया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर फोरेंसिक टीम के साथ जांच शुरू कर दी।
हाथ-पैर पर लिखा गया सुसाइड नोट
मनीषा की आत्महत्या को और भी झकझोर देने वाला बना देता है उसका लिखा गया सुसाइड नोट। यह नोट उसने किसी कागज़ पर नहीं बल्कि अपने शरीर के हाथ और पैर पर लिखा था। उसने उसमें अपनी मौत के लिए पति, सास, ससुर और दो देवरों को जिम्मेदार ठहराया है। मनीषा ने लिखा है कि उसका पति उसे बेरहमी से पीटता था, कई दिनों तक कमरे में बंद रखकर भूखा रखता था। उसने यह भी लिखा कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसका जबरन गर्भपात कराया गया।
पंचायत में हुई बेइज्जती, तलाक का दबाव
मनीषा के पिता तेजवीर, जो गाजियाबाद नगर निगम में कर्मचारी हैं, ने बताया कि उनकी बेटी की शादी वर्ष 2023 में सिद्धिपुर (गाजियाबाद) निवासी युवक से हुई थी। शादी में बुलेट बाइक दी गई थी, पर कुछ माह बाद ही ससुराल वाले थार गाड़ी और लाखों रुपये की अतिरिक्त मांग करने लगे। जब मांग पूरी नहीं हुई, तो मनीषा को प्रताड़ित किया जाने लगा।
दूसरी ओर मनीषा के भाई विवेक ने बताया कि शादी के कुछ महीने बाद ही मनीषा को मायके वापस लाना पड़ा। गांव की दो बार पंचायत हुई लेकिन उत्पीड़न नहीं रुका। चार दिन पहले एक और पंचायत में तलाक की सहमति बनी, लेकिन जब पति ने मनीषा से कागजों पर दस्तखत की मांग की, तो उसने मना कर दिया। इसके बाद मनीषा और भी ज्यादा तनाव में रहने लगी थी।
आत्महत्या की रात
घटना वाले दिन मनीषा ने रात में जब सभी परिजन—मां सुनीता, भाई नीरज, हार्दिक, रितिक और बाबा जयभगवान—सो गए, तो उसने फसलों में डाला जाने वाला कीटनाशक पी लिया। सुबह परिजनों को उसका शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मनीषा के शरीर पर खुद लिखा गया सुसाइड नोट मौजूद है। उसमें ससुराल वालों के उत्पीड़न के स्पष्ट विवरण हैं। परिजनों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया जा रहा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मनीषा की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा के खिलाफ बनी क़ानूनी व्यवस्थाएं ज़मीनी स्तर पर कितनी प्रभावी हैं। एक पढ़ी-लिखी युवती, जिसने सात जन्मों का साथ मांगा था, उसे केवल दो वर्षों में इस समाज ने मौत की ओर धकेल दिया।
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