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राम मंदिर पर टिप्पणी से भड़के कांवरिये: बस्ती के कप्तानगंज चौराहे पर हिंसा, पुलिस प्रशासन पर उठा सवाल
बस्ती, 22 जुलाई 2025:
श्रावण मास में कांवर यात्रा श्रद्धा और भक्ति की प्रतीक मानी जाती है, लेकिन बस्ती जिले के कप्तानगंज चौराहे पर यह भक्ति अचानक उग्रता और विद्रोह में बदल गई। अयोध्या से पवित्र सरयू जल लेकर लौट रहे कांवरियों का जत्था जब इस चौराहे पर पहुंचा, तो अचानक अफवाहों और कथित धार्मिक टिप्पणी ने माहौल को गरमा दिया। एक विशेष समुदाय के कुछ युवकों द्वारा राम मंदिर को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणी ने स्थिति को विस्फोटक बना दिया।
देखते ही देखते चौराहे पर अफरातफरी मच गई। कांवरियों ने पहले नारेबाजी की, फिर पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। बात इतनी बढ़ गई कि पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड को जला दिया गया, पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई और सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक कांवरिया को पुलिसकर्मी को धक्का देते हुए भी देखा गया।
भीड़ में कुछ लोग ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए विशेष समुदाय के घरों की ओर बढ़े और वहां पत्थरबाजी शुरू हो गई। ऐसे में पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया। पुलिस प्रशासन पहले तो बैकफुट पर नजर आया, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिनंदन और अपर पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और मोर्चा संभाला। दोनों अधिकारियों ने कांवरियों से हाथ जोड़कर शांति की अपील की और किसी तरह उन्हें समझा-बुझाकर आगे बढ़ाया।
बताया जा रहा है कि बस्ती शहर से आए कुछ विशेष समुदाय के लोगों ने मेला देखने के दौरान राम मंदिर और कांवड़ियों को लेकर अपमानजनक बातें कहीं, जिससे पहले से भावनात्मक माहौल में मौजूद श्रद्धालु भड़क उठे। कांवरियों ने अभद्र टिप्पणी करने वाले युवक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने स्थिति बिगड़ने से पहले ही उक्त युवक को हिरासत में ले लिया और उसे भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इस घटना के बाद बस्ती पुलिस की सुरक्षा तैयारियों की भी पोल खुल गई। कई दिनों से जारी व्यवस्था और रणनीति एक ही झटके में ध्वस्त हो गई। थाना कप्तानगंज के थानाध्यक्ष तक को भीड़ ने नहीं बख्शा और उन्हें भी लाठियों का शिकार होना पड़ा। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि आसपास के थानों की फोर्स बुलानी पड़ी और कप्तानगंज चौराहे को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
भदेश्वरनाथ मंदिर पर जलाभिषेक की ओर जा रहे कांवरियों का जत्था इस हिंसा के कारण कुछ समय के लिए ठहर गया था, लेकिन पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप और दृढ़ संकल्प से स्थिति को काबू में लाया गया और कांवर यात्रा को शांतिपूर्वक आगे बढ़ाया गया।
प्रशासन ने अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है। बावजूद इसके यह घटना सवाल खड़े करती है कि धार्मिक यात्राओं के दौरान किस प्रकार की सतर्कता और संवेदनशीलता की आवश्यकता होती है, और क्या मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत है कि वह अचानक उभरते धार्मिक विवादों को नियंत्रित कर सके।
NGV PRAKASH NEWS
