आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए योगी का तोहफा..

📰 संविदा कर्मचारियों को लेकर योगी सरकार का बड़ा फैसला, बनेगा उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम

लखनऊ, 2 सितम्बर 2025।

उत्तर प्रदेश में संविदा (आउटसोर्स) कर्मचारियों के लिए योगी सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 15 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें सबसे अहम उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड का गठन रहा। इसे कम्पनीज़ एक्ट 2013 के सेक्शन-8 के अंतर्गत पब्लिक लिमिटेड, नॉन-प्रॉफिट संस्था के रूप में संचालित किया जाएगा।

क्या बदलेगा नई व्यवस्था में?

अब तक विभाग अपने स्तर पर आउटसोर्स एजेंसियों का चयन करते थे, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे। अब यह जिम्मेदारी सीधे आउटसोर्स सेवा निगम के पास होगी। निगम जेम पोर्टल के जरिए निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर एजेंसी का चयन करेगा।

  • कर्मचारियों का चयन तीन वर्ष की अवधि के लिए किया जाएगा।
  • मासिक मानदेय ₹16,000 से ₹20,000 तक तय किया गया है।
  • कर्मचारियों को महीने में 26 दिन सेवा देनी होगी।
  • वेतन हर महीने की 1 से 5 तारीख तक सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा।
  • ईपीएफ और ईएसआई का अंशदान अब सीधे कर्मचारी के खाते में जाएगा।
  • चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार शामिल होंगे, ताकि योग्य और दक्ष कर्मियों की नियुक्ति हो सके।
  • किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर एजेंसी की सेवा तत्काल समाप्त की जा सकेगी।

कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा

वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि लंबे समय से कर्मचारियों को तय वेतन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं (ईपीएफ, ईएसआई) का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। कई आउटसोर्स एजेंसियों पर मानदेय में कटौती और सुविधाओं का अंशदान रोकने के आरोप लगते रहे। इन अव्यवस्थाओं को खत्म करने और कर्मचारियों को उनका पूरा हक दिलाने के लिए ही निगम का गठन किया गया है।

सामाजिक सुरक्षा और आरक्षण

नई व्यवस्था में संवैधानिक प्रावधानों के तहत एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, दिव्यांगजन, भूतपूर्व सैनिक और महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलेगा।

  • महिलाओं को मैटरनिटी लीव का अधिकार होगा।
  • सेवा के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर ₹15,000 अंतिम संस्कार सहायता दी जाएगी।
  • समय-समय पर प्रशिक्षण देकर कर्मचारियों की कार्यक्षमता और दक्षता बढ़ाई जाएगी।

रोजगार और सुशासन की दिशा में कदम

सरकार का मानना है कि इस फैसले से न केवल लाखों युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि आउटसोर्सिंग सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। यह व्यवस्था सुशासन और ई-गवर्नेंस की दिशा में नया मॉडल प्रस्तुत करेगी।

👉 योगी सरकार का यह कदम संविदा कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने और प्रदेश में रोजगार व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

(NGV PRAKASH NEWS)


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