यमुना के पानी में डूबा वृंदावन, आगरा का ताजमहल भी आया चपेट में..

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मथुरा में यमुना का विकराल रूप, घाट डूबे, बस्तियां जलमग्न

मथुरा, 07 सितम्बर 2025।
यमुना नदी ने इस बार विकराल रूप धारण कर लिया है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान 166 मीटर से 1.23 मीटर ऊपर पहुंचकर 167.23 मीटर दर्ज किया गया। बढ़ते जलस्तर ने शहरी क्षेत्र और गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।

घाट डूबे, बाजार तक पहुंचा पानी

मथुरा के बंगाली घाट, स्वामी घाट, विश्राम घाट और गोकुल घाट पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। स्वामी घाट पर बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को पार कर पानी सड़क तक आ गया है। विश्राम घाट में करीब छह फीट पानी भर गया है। यदि जलस्तर में एक फीट और वृद्धि होती है तो बाजार मार्ग पर पानी पहुंच जाएगा। बंगाली घाट से विश्राम घाट मार्ग पर डेढ़ फीट पानी भर चुका है, जिस पर प्रशासन ने टिनशेड लगाकर आवाजाही रोक दी है।

गोकुल और रावल भी प्रभावित

गोकुल, रमणरेती, वंशीवट और रावल के अंदर तक पानी पहुंच चुका है। रावल में एक निर्माणाधीन मकान की दीवार गिर गई, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। नौहझील, शेरगढ़ और मांट क्षेत्र के कई गांवों में भी पानी भर गया है। यमुना की खादर अब टापू में तब्दील हो गई है।

लोग घर छोड़ने को मजबूर

अब तक जो लोग चोरी के डर से मकानों की छतों पर डेरा जमाए थे, वे भी सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हो गए हैं। भक्तिधाम कॉलोनी की गलियों में छह फीट तक पानी भर चुका है, जिससे दर्जनों मकान जलमग्न हो गए हैं। लोग दिनभर अपने घरों से सामान निकालने में जुटे रहे।



यमुना का उफान: ताजमहल की दीवारों तक पहुंचा पानी, दशहरा घाट डूबा


कल-कल करती यमुना की लहरों ने शनिवार को विश्व धरोहर ताजमहल की उत्तरी दीवार को छू लिया। ताजमहल के पीछे स्थित गार्डन पूरी तरह जलमग्न हो गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा नींव की सुरक्षा के लिए कुछ वर्ष पूर्व बनाई गई डेढ़ मीटर चौड़ी और 10 इंच ऊंची आरसीसी एप्रन के ऊपर से यमुना का पानी बह रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति ताजमहल की संरचना के लिए चिंताजनक है। वर्ष 2023 की बाढ़ में यमुना ने केवल दीवार के कुछ हिस्से को छुआ था, लेकिन इस बार पानी दीवार को पार कर रहा है। जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

पर्यटक और स्थानीय लोग आकर्षित

यमुना के उफान ने शहरवासियों और पर्यटकों को आकर्षित किया है। ताजमहल, आगरा किला, मेहताब बाग, एत्माद्दौला, यमुना आरती स्थल, हाथीघाट और कैलाश घाट जैसे स्थानों पर लोग बड़ी संख्या में पहुंचकर बढ़े जलस्तर को निहारते दिखाई दिए।

दशहरा घाट जलमग्न

ताजमहल के पास स्थित दशहरा घाट यमुना के पानी में पूरी तरह डूब गया है। शनिवार को घाट के गेट से 100 मीटर पहले तक पानी फैल गया। मंटोला नाला के बैक मारने से ताज हेरिटेज कारिडोर के गेट के सामने जलभराव हो गया है।
कारिडोर का यमुना किनारा स्थित भाग भी पानी में डूब गया है। वाटर गेट के पास पुराने नाले के बैक मारने से आगरा किला की खाई में डेढ़ फीट तक पानी भर गया है।

अन्य ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंचा पानी

यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इसका असर अन्य स्मारकों पर भी दिखाई दे रहा है।

  • रामबाग के बराबर में स्थित सराय गेट तक पानी पहुंच गया है।
  • एत्माद्दौला की यमुना किनारा स्थित कोठरियों में चार फीट तक पानी भर गया।
  • मेहताब बाग में भी नदी का पानी प्रवेश कर चुका है।
  • दक्षिण-पूर्वी बुर्जी से लेकर स्मारक के पुराने हिस्से तक पानी फैल गया है।

विशेषज्ञों की चिंता

इतिहासकारों और पुरातत्व विशेषज्ञों का मानना है कि यमुना का लगातार बढ़ता जलस्तर ताजमहल सहित अन्य धरोहरों की नींव और संरचना पर दीर्घकालिक खतरा पैदा कर सकता है। एएसआई की ओर से निगरानी तेज कर दी गई है और सुरक्षा उपायों पर विचार किया जा रहा है।

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