

Gyan Prakash Dubey की विशेष रिपोर्ट..
👉 शाम और रात को ड्रोन को देखकर लोगों में भय का माहौल है, लोग इसे बदमाशों द्वारा किया गया कार्य मान रहे हैं | उनके अनुसार ड्रोन से रेकी कर उसके बाद चोरी किया जा रहा है| प्रशासन और पुलिस द्वारा बार-बार यह कहा जा रहा है कि ड्रोन द्वारा नदियों,नहरों, तालाबों एवं पोखरों का सर्वे हो रहा है उसके बाद भी लोगों के दिमाग में यह बात आ रही है कि यह काम दिन में क्यों नहीं हो रहा है रात के समय ही क्यों हो रहा है |
आईए जानते हैं इसके पीछे का कारण..
ड्रोन सर्वे रात में ही क्यों किया जाता है? जानिए वैज्ञानिक वजहें
हाल ही में नदी क्षेत्रों के ड्रोन सर्वे को लेकर लोगों के मन में सवाल उठा—“सर्वे दिन में क्यों नहीं, हमेशा रात में ही क्यों किया जाता है?”
दरअसल, इसके पीछे गहरी वैज्ञानिक वजहें हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, रात का समय सर्वेक्षण के लिए अधिक उपयुक्त होता है, क्योंकि इस दौरान दृश्यता और ध्वनि दोनों ही दृष्टियों से वातावरण अनुकूल होता है।
रात में सर्वेक्षण के फायदे
- स्पष्ट दृश्यता
रात के समय वातावरण अपेक्षाकृत शांत और ठंडा होता है। कम रोशनी के कारण हवा में धूल और प्रदूषण का असर घट जाता है, जिससे दूर तक की चीजें साफ दिखाई देती हैं। - ध्वनि तरंगों का परावर्तन
रात में हवा ठंडी और घनी होती है। इस कारण ध्वनि तरंगें पृथ्वी की सतह से टकराकर नीचे की ओर लौटती हैं और अधिक दूरी तक जाती हैं। यह ध्वनि-आधारित सर्वेक्षण (acoustic survey) को ज्यादा प्रभावी बनाता है। - तापमान का प्रभाव
दिन में गर्म हवा ऊपर उठ जाती है, जिससे ध्वनि तरंगें भी ऊपर की ओर चली जाती हैं और दूरी तक नहीं पहुंच पातीं। रात में ठंडी हवा नीचे की ओर रहती है, जिससे ध्वनि तरंगें सतह के नजदीक रहकर अधिक दूरी तक फैलती हैं।
दिन में सर्वे की कमियाँ
- धुंधली दृश्यता:
सीधी धूप और वातावरण में धूल-पार्टिकल्स की वजह से दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं। - ध्वनि का बिखराव:
दिन के समय हवा गर्म और कम घनी होती है। इसके कारण ध्वनि तरंगें ऊपर की ओर निकल जाती हैं और सतह पर लौटकर नहीं आतीं। इससे सर्वेक्षण की सटीकता घट जाती है।
👉यही कारण है कि नदियों और भू-भाग का ड्रोन सर्वे दिन में नहीं, बल्कि रात में करना अधिक वैज्ञानिक और व्यावहारिक माना जाता है। रात की ठंडी और स्थिर हवा न सिर्फ़ ध्वनि को दूर तक ले जाती है, बल्कि दृश्यता को भी स्पष्ट कर देती है।
👉 इसलिए ना अफवाह फैलाई ना अफवाहों पर ध्यान दें..
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