

मेडिकल कॉलेज में पथरी के इलाज कराने आई महिला ने दिया बच्चे को जन्म, पति बोला– “मैं तो साल भर से घर पर नहीं था”
एटा 16 सितंबर 25.
रविवार देर रात मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया। पथरी के दर्द का इलाज कराने आई महिला ने अचानक शौचालय में बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद महिला के पति ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। उसका कहना था कि वह एक साल से घर से बाहर रहकर नौकरी कर रहा है, ऐसे में पत्नी गर्भवती कैसे हो गई?
जानकारी के अनुसार, रात करीब 2 बजे महिला को पथरी के तेज दर्द की शिकायत पर परिजन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने परीक्षण किया और महिला के पेट का आकार देखकर गर्भवती होने की आशंका जताई। हालांकि महिला ने गर्भवती होने की बात से इनकार किया। इसके बाद स्टाफ ने उसे दर्द का इंजेक्शन दे दिया। कुछ देर बाद वह लघुशंका के लिए शौचालय गई, जहां उसका प्रसव हो गया।
शोर सुनकर नर्सिंग स्टाफ मौके पर पहुंचा और बच्चे को उठाकर तुरंत एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया, जबकि महिला को गायनिक वार्ड में भर्ती किया गया। लेकिन पति ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया और लगातार पूछताछ करता रहा कि जब वह एक साल से घर से बाहर है तो पत्नी गर्भवती कैसे हो गई।
महिला एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. साधना सिंह ने बताया कि महिला को रात लगभग 2:30 बजे भर्ती कराया गया था। सामान्य प्रक्रिया के अनुसार प्रसूता को 48 घंटे निगरानी में रखना जरूरी होता है, लेकिन पति हंगामा करते हुए पत्नी को घर ले जाने की जिद करता रहा। औपचारिक कार्रवाई पूरी करने के बाद सोमवार सुबह महिला को पति के साथ भेज दिया गया।
डॉ. साधना सिंह ने यह भी बताया कि समय से पूर्व हुए प्रसव में नवजात की हालत गंभीर थी। उसे बेहतर इलाज के लिए आगरा रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही बच्चे की मौत हो गई।
परिवारजनों ने बताया कि महिला पहले से ही छह बच्चों की मां है। देर रात अचानक हुए प्रसव और पति की नाराजगी के चलते अस्पताल परिसर में विवाद की स्थिति बन गई।
👉 यह घटना एटा जिले में चर्चाओं का विषय बनी हुई है और परिवारिक विवाद के कारण माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
NGV PRAKASH NEWS




