NGV PRAKASH NEWS


कानपुर, 14 अक्टूबर 2025
कानपुर में भूमाफिया से सांठगांठ के आरोप में रावतपुर थाने के प्रभारी रहे इंस्पेक्टर केके मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है। इंस्पेक्टर पर आरोप है कि वह भूमाफिया गजेंद्र सिंह नेगी से हर माह दो लाख रुपये लेकर उसके इशारों पर काम करता था और गिरफ्तारी से उसे लगातार बचाता रहा। डीसीपी वेस्ट दिनेश त्रिपाठी ने सोमवार को मिश्रा को निलंबित कर दिया।
उच्चाधिकारियों को इंस्पेक्टर की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उस पर नजर रखी गई। इस दौरान उसकी नेगी से हुई बातचीत के कई ऑडियो क्लिप्स सामने आए, जिससे दोनों के गठजोड़ की पुष्टि हो गई। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने भूमाफिया की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को सौंप दी।
🏢 लोगों को कई फ्लैट और दुकानें दिखाकर की ठगी
केशवपुरम आवास विकास-1, कैलाश विहार निवासी गजेंद्र सिंह नेगी के खिलाफ ‘ऑपरेशन महाकाल’ के दौरान एक के बाद एक 10 एफआईआर दर्ज हुईं। पहले से ही उस पर गैंगस्टर एक्ट समेत आठ मामले दर्ज थे। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि नेगी ने खुद को बिल्डर बताकर कई लोगों को फ्लैट और दुकानें दिखाईं तथा करोड़ों रुपये वसूल कर लिए।
नेगी ने एक ही फ्लैट और दुकान को छह से आठ बार तक बेच डाला, लेकिन किसी को भी कब्जा नहीं दिया। पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि थाना पुलिस उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रही थी।
📝 रिपोर्ट दर्ज हुई लेकिन गिरफ्तारी नहीं
पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार और डीसीपी वेस्ट के दबाव में थाना प्रभारी केके मिश्रा ने नेगी के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन गिरफ्तारी की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
क्राइम ब्रांच की टीम जब नेगी को गिरफ्तार करने पहुंची, तो इंस्पेक्टर मिश्रा ने उसकी पत्नी को दबिश की जानकारी दे दी, ताकि नेगी भाग सके। इसके बावजूद क्राइम ब्रांच की टीम ने 20 सितंबर को नेगी को गिरफ्तार कर लिया।
🔍 गठजोड़ का खुलासा और देर से हुई कार्रवाई
मिश्रा और नेगी के गठजोड़ की बात सामने आने के बाद उच्चाधिकारियों ने मामले की निगरानी शुरू की। भूमाफिया से दोस्ती की पोल खुलने के बाद मिश्रा पर कार्रवाई तय मानी जा रही थी। हालांकि रावतपुर में ‘आई लव मोहम्मद’ मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद यह मामला राज्य स्तर पर चर्चा में आ गया। इस वजह से पुलिस अधिकारियों ने कुछ समय के लिए कार्रवाई टाल दी ताकि यह संदेश न जाए कि बाहरी दबाव में इंस्पेक्टर को हटाया गया है।
आख़िरकार, सभी साक्ष्यों की पुष्टि होने के बाद मिश्रा को निलंबित कर दिया गया।
👉 NGV PRAKASH NEWS




