बिहार में मिला सोने का भंडार:अकेले दम पर बना सकता भारत को महाशक्ति…

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बिहार की धरती के नीचे सोने का खजाना, देश का 44 प्रतिशत गोल्ड रिजर्व जमुई में छिपा

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2025

भारत में अब तक का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार बिहार की धरती के नीचे छिपा पाया गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि बिहार के जमुई जिले में करीब 222.8 मिलियन टन सोने के अयस्क का विशाल भंडार मौजूद है। अगर इन आंकड़ों को देखा जाए, तो यह भंडार देश के कुल स्वर्ण संसाधनों का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा है, जिससे बिहार को देश का सबसे समृद्ध राज्य कहा जा सकता है।

हालांकि, फिलहाल इस क्षेत्र में सोने की माइनिंग शुरू नहीं हुई है, लेकिन भूवैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य में यहां बड़े पैमाने पर खनन की संभावना है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दे सकता है।

भारत में सोने के भंडार की स्थिति

भारत सरकार के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, स्वर्ण अयस्क भंडार के मामले में बिहार पहले स्थान पर है। इसके बाद राजस्थान और फिर कर्नाटक का स्थान आता है।
कर्नाटक, जहां हट्टी और कोलार स्वर्णक्षेत्र (हाल में बंद) जैसे क्षेत्र स्थित हैं, अभी भी भारत का सबसे बड़ा स्वर्ण उत्पादक राज्य है और देश के कुल उत्पादन में 99 प्रतिशत योगदान देता है।

राष्ट्रीय खनिज सूची (National Mineral Inventory) के अनुसार, 1 अप्रैल 2015 तक भारत में स्वर्ण अयस्क के कुल भंडार 501.83 मिलियन टन अनुमानित किए गए थे, जिनमें से 17.22 मिलियन टन भंडार श्रेणी में और 484.61 मिलियन टन अवशिष्ट संसाधन के रूप में दर्ज हैं।

राज्यों में स्वर्ण भंडार का वितरण

  • बिहार – 44%
  • राजस्थान – 25%
  • कर्नाटक – 21%
  • पश्चिम बंगाल – 3%
  • आंध्र प्रदेश – 3%
  • झारखंड – 2%
  • अन्य राज्य (छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु) – शेष 2%

कैसे मिली सोने की परतों की जानकारी

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने बिहार के जमुई जिले में विस्तृत भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (geological mapping) किया था, जिसके दौरान यह विशाल स्वर्ण भंडार सामने आया। GSI हर वर्ष देशभर में खनिजों की खोज और उनके संसाधनों के मूल्यांकन के लिए परियोजनाएं चलाता है। इन्हीं सर्वेक्षणों के दौरान बिहार में यह मूल्यवान खजाना खोजा गया।

जल्द शुरू हो सकता है सोने का खनन कार्य

वर्ष 2021 में राज्यसभा में खान, कोयला और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक लिखित उत्तर में बताया था कि भारत सरकार ने G4 स्तर पर खनन लाइसेंस की नीलामी की अनुमति देने के लिए एमईएमसी नियमों (MMDR Rules) में संशोधन किया है। इससे सोना सहित अन्य खनिजों के अन्वेषण और खनन के लिए निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
इस बदलाव के बाद, धरती के नीचे छिपे स्वर्ण अयस्क को निकालने और उसे शुद्ध सोने में परिवर्तित करने की लागत में भी कमी आने की उम्मीद है।

अगर आने वाले वर्षों में यह परियोजना सक्रिय रूप से शुरू होती है, तो बिहार न सिर्फ भारत का, बल्कि दुनिया के प्रमुख स्वर्ण उत्पादक क्षेत्रों में से एक बन सकता है।

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