Gyan Prakash Dubey


बस्ती जिले में पोस्टपेड से प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बदलाव बना उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द
— रिचार्ज के बाद भी घंटों तक नहीं आ रही बिजली, विभाग के अधिकारी भी अनजान
— अनाप शनाप पैसे कट रहा है प्रीपेड मीटर से.
बस्ती, 23 अक्टूबर 2025
बस्ती जिले में बिजली विभाग द्वारा लगाए गए पोस्टपेड स्मार्ट मीटर अब प्रीपेड मीटर में बदल दिए गए हैं। विभाग के इस अचानक बदलाव ने आम जनता की परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है। जिन उपभोक्ताओं को पहले ही अधिक बिजली बिल की शिकायत थी, अब वे रिचार्ज के झंझट में उलझ गए हैं।
नगर क्षेत्र के कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें न तो मीटर बदलने की पूर्व सूचना दी गई और न ही इस नए सिस्टम के संचालन की स्पष्ट जानकारी। स्थानीय स्तर पर असिस्टेंट इंजीनियर से लेकर जूनियर इंजीनियर तक को भी प्रीपेड सिस्टम की तकनीकी जानकारी नहीं है। वे उपभोक्ताओं को सिर्फ एक मोबाइल ऐप डाउनलोड करने की सलाह देते हैं, लेकिन ऐप कैसे चलेगा, रिचार्ज कैसे होगा और बिजली सप्लाई कब शुरू होगी — इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
नगर निवासी विशाल और स्नेह ने बताया कि उनका मीटर प्रीपेड में बदल गया। उन्होंने किसी तरह जानकारी जुटाकर 2000 रुपये का रिचार्ज किया, लेकिन मात्र 24 घंटे में ही रिचार्ज खत्म हो गया और बिजली सप्लाई बंद हो गई। उन्होंने विभागीय कार्यालयों में कई बार संपर्क किया, मगर कोई भी अधिकारी उनकी समस्या का समाधान नहीं कर पाया।
उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि बिजली कंपनी की ओर से कहा गया था कि रिचार्ज खत्म होने के बाद अगले दिन दोपहर 12 बजे तक बिजली सप्लाई चालू रहेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। जैसे ही रिचार्ज खत्म होता है, बिजली सप्लाई तुरंत बंद हो जाती है। इतना ही नहीं, रिचार्ज करने के बाद भी कई बार 24 से 72 घंटे तक बिजली नहीं आती।
व्यवसायियों का कहना है कि इस सिस्टम ने उनका कामकाज ठप कर दिया है। लगातार सप्लाई बाधित होने से व्यापार पर भारी असर पड़ रहा है।
बस्ती जिले में यह समस्या अकेले की नहीं है — पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसे हजारों उपभोक्ता हैं जो स्मार्ट प्रीपेड मीटर से परेशान हैं। कई जिलों में मीटर के तेज चलने और रिचार्ज जल्दी खत्म होने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
बिजली उपभोक्ता परिषद ने भी प्रीपेड मीटर व्यवस्था की जांच की मांग की है। परिषद का कहना है कि इन मीटरों से बिलिंग में पारदर्शिता नहीं है और उपभोक्ताओं की जानकारी के बिना तकनीकी बदलाव करना उनके अधिकारों का उल्लंघन है।
स्थानीय उपभोक्ताओं ने मांग की है कि जब तक इस व्यवस्था को स्थिर और पारदर्शी नहीं बनाया जाता, तब तक पुराने पोस्टपेड सिस्टम को जारी रखा जाए या प्रीपेड मीटरों की तकनीकी जांच कराई जाए।
स्मार्ट मीटर का उद्देश्य पारदर्शिता और उपभोक्ता सुविधा बताया गया था, लेकिन बस्ती में यह उपभोक्ताओं के लिए नई मुसीबत बन गया है।
– NGV PRAKASH NEWS




