

लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार ब्लास्ट में बड़ा खुलासा: सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में 3 घंटे खड़ी रही थी i20, फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़ते मिले तार
नई दिल्ली,
11 नवंबर 2025,
देश की राजधानी दिल्ली को दहला देने वाले लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। दिल्ली पुलिस द्वारा आसपास के सीसीटीवी फुटेज की गहन पड़ताल में पता चला है कि जिस हुंडई i20 कार में धमाका हुआ, वह घटना से पहले करीब तीन घंटे तक सुनहरी मस्जिद के पास स्थित पार्किंग में खड़ी रही थी। पुलिस के अनुसार, यह कार 10 नवंबर को दोपहर 3:19 बजे पार्किंग में दाखिल हुई और शाम 6:48 बजे वहां से निकली। इसके ठीक चार मिनट बाद, 6:52 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस मार्ग के ट्रैफिक सिग्नल पर कार में जोरदार विस्फोट हुआ।
धमाके की तीव्रता इतनी प्रबल थी कि कार का पिछला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया, आसपास खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और उनमें आग लग गई। लाल किला मेट्रो स्टेशन के कांच तक टूट गए। इस घटना में अब तक 8 लोगों की मौत और 20 लोग घायल हो चुके हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने घटना से ठीक पहले की कार की तस्वीर भी जारी की है, जिसमें i20 को सुनहरी मस्जिद के पास से गुजरते देखा गया है। जांच में पता चला है कि यह कार गुरुग्राम नॉर्थ आरटीओ में पंजीकृत थी। नंबर HR 26 7624 की यह गाड़ी मोहम्मद सलमान नाम के व्यक्ति के नाम पर दर्ज है, जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पुलवामा कनेक्शन भी सामने आ रहा है, क्योंकि सलमान ने यह कार जम्मू-कश्मीर के तारिक नामक व्यक्ति को बेची थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, i20 कार कई बार बेची व खरीदी गई है और इसकी खरीद-बिक्री में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल होने की आशंका है। संदेह इसलिए भी गहरा रहा है क्योंकि इसी कार पर 15 सितंबर की रात फरीदाबाद में गलत पार्किंग के लिए 1723 रुपये का चालान कटा था। इसके अलावा 9 नवंबर की देर रात जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने फरीदाबाद में भारी मात्रा में खतरनाक केमिकल बरामद किया था, जो विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होता है।
सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि दिल्ली ब्लास्ट का सीधा संबंध फरीदाबाद में पकड़े गए टेरर मॉड्यूल से हो सकता है। हाल में पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसर गजवात-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 2,900 किलोग्राम IED बनाने का सामान, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया था। इस कार्रवाई में सात लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, जिनमें दो डॉक्टर भी शामिल थे—फरीदाबाद के डॉ. मुअजमिल अहमद गनई और कुलगाम के डॉ. आदिल।
डॉ. मुअजमिल के फरीदाबाद स्थित घर से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, एके-56, AK Krinkov, बरेटा पिस्टल, चीनी स्टार पिस्टल और सैकड़ों कारतूस मिले थे। पुलिस का कहना है कि ये आरोपी व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क का हिस्सा थे—यानी उच्च शिक्षित पेशेवर जो आतंकवाद को तकनीकी और आर्थिक सहायता प्रदान कर रहे थे।
दिल्ली में ब्लास्ट हुई i20 कार पुलवामा निवासी तारिक नाम के व्यक्ति के कब्जे में थी, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल हर संभावित एंगल से जांच कर रही हैं, ताकि इस बड़े आतंकी षड्यंत्र की पूरी कड़ियां उजागर की जा सकें।
NGV PRAKASH NEWS


लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार ब्लास्ट में बड़ा खुलासा: सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में 3 घंटे खड़ी रही थी i20, फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़ते मिले तार
नई दिल्ली,
11 नवंबर 2025,
देश की राजधानी दिल्ली को दहला देने वाले लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। दिल्ली पुलिस द्वारा आसपास के सीसीटीवी फुटेज की गहन पड़ताल में पता चला है कि जिस हुंडई i20 कार में धमाका हुआ, वह घटना से पहले करीब तीन घंटे तक सुनहरी मस्जिद के पास स्थित पार्किंग में खड़ी रही थी। पुलिस के अनुसार, यह कार 10 नवंबर को दोपहर 3:19 बजे पार्किंग में दाखिल हुई और शाम 6:48 बजे वहां से निकली। इसके ठीक चार मिनट बाद, 6:52 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस मार्ग के ट्रैफिक सिग्नल पर कार में जोरदार विस्फोट हुआ।
धमाके की तीव्रता इतनी प्रबल थी कि कार का पिछला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया, आसपास खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और उनमें आग लग गई। लाल किला मेट्रो स्टेशन के कांच तक टूट गए। इस घटना में अब तक 8 लोगों की मौत और 20 लोग घायल हो चुके हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने घटना से ठीक पहले की कार की तस्वीर भी जारी की है, जिसमें i20 को सुनहरी मस्जिद के पास से गुजरते देखा गया है। जांच में पता चला है कि यह कार गुरुग्राम नॉर्थ आरटीओ में पंजीकृत थी। नंबर HR 26 7624 की यह गाड़ी मोहम्मद सलमान नाम के व्यक्ति के नाम पर दर्ज है, जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पुलवामा कनेक्शन भी सामने आ रहा है, क्योंकि सलमान ने यह कार जम्मू-कश्मीर के तारिक नामक व्यक्ति को बेची थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, i20 कार कई बार बेची व खरीदी गई है और इसकी खरीद-बिक्री में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल होने की आशंका है। संदेह इसलिए भी गहरा रहा है क्योंकि इसी कार पर 15 सितंबर की रात फरीदाबाद में गलत पार्किंग के लिए 1723 रुपये का चालान कटा था। इसके अलावा 9 नवंबर की देर रात जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने फरीदाबाद में भारी मात्रा में खतरनाक केमिकल बरामद किया था, जो विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होता है।
सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि दिल्ली ब्लास्ट का सीधा संबंध फरीदाबाद में पकड़े गए टेरर मॉड्यूल से हो सकता है। हाल में पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसर गजवात-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 2,900 किलोग्राम IED बनाने का सामान, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया था। इस कार्रवाई में सात लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, जिनमें दो डॉक्टर भी शामिल थे—फरीदाबाद के डॉ. मुअजमिल अहमद गनई और कुलगाम के डॉ. आदिल।
डॉ. मुअजमिल के फरीदाबाद स्थित घर से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, एके-56, AK Krinkov, बरेटा पिस्टल, चीनी स्टार पिस्टल और सैकड़ों कारतूस मिले थे। पुलिस का कहना है कि ये आरोपी व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क का हिस्सा थे—यानी उच्च शिक्षित पेशेवर जो आतंकवाद को तकनीकी और आर्थिक सहायता प्रदान कर रहे थे।
दिल्ली में ब्लास्ट हुई i20 कार पुलवामा निवासी तारिक नाम के व्यक्ति के कब्जे में थी, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल हर संभावित एंगल से जांच कर रही हैं, ताकि इस बड़े आतंकी षड्यंत्र की पूरी कड़ियां उजागर की जा सकें।
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