दुल्हन बन 2दरोगा,2बैंक मैनेजर से की करोड़ो की ठगी- ऐसे खुला राज..

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कानपुर की कुख्यात लुटेरी दुल्हन गिरफ्तार: बैंक मैनेजरों और पुलिस अधिकारियों को शादी के जाल में फंसाकर करोड़ों की ठगी, 10 खातों में 8 करोड़ से ज्यादा के लेन-देन का खुलासा

कानपुर, 18 नवंबर 2025।
कानपुर पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाली कुख्यात “लुटेरी दुल्हन” दिव्यांशी चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला पर दो बैंक मैनेजरों, दो सब-इंस्पेक्टरों सहित दर्जनभर लोगों को प्रेमजाल और शादी का लालच देकर करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि उसके विभिन्न बैंक खातों में 8 करोड़ रुपये से अधिक की रकम का लेन-देन हुआ है।

जांच में सामने आया कि दिव्यांशी पिछले कई वर्षों से सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बना रही थी। वह पहले किसी पुरुष को प्रेमजाल में फंसाती, फिर शादी या संबंध का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाती थी। इसके बाद रेप, छेड़छाड़ या दहेज उत्पीड़न जैसे फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर भारी रकम वसूलती थी। अदालत में पेशी के दौरान समझौता कर केस वापस ले लेती थी और अगले शिकार की तलाश में निकल जाती थी।

सब-इंस्पेक्टर आदित्य से चौथी शादी, यहीं से खुली परतें
17 फरवरी 2024 को बुलंदशहर निवासी सब-इंस्पेक्टर आदित्य कुमार लोचव से दिव्यांशी की चौथी शादी हुई थी। शादी के लिए स्कॉर्पियो, जेवर और लाखों रुपये की मांग पूरी करवाई गई। कुछ ही महीनों में आदित्य को उसके व्यवहार पर शक हुआ—दिव्यांशी ससुराल में कम रुकती थी, मोबाइल से सभी UPI ऐप हटाती थी और लगातार पैसे मांगती रहती थी।

एक दिन आदित्य ने जबरन उसका मोबाइल चेक किया तो पता चला कि उसके नाम पर 10 से अधिक बैंक खाते हैं और उनमें करोड़ों का लेन-देन हुआ है। पूछताछ करने पर दिव्यांशी झगड़ा करती हुई मायके चली गई।

ठगी का पर्दाफाश: पुलिस कमिश्नर दफ्तर में किया ड्रामा
25 नवंबर 2025 को दिव्यांशी ने कानपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय में हंगामा कर अपने पति आदित्य पर 14.50 लाख रुपये हड़पने और अवैध संबंधों के आरोप लगाए। परंतु आदित्य ने इसके उलट ढेरों सबूत पेश किए, जिससे यह साफ हो गया कि दिव्यांशी संगठित गिरोह के साथ मिलकर वर्षों से ठगी कर रही थी।

मामले की जांच में पता चला कि दिव्यांशी के खातों से मेरठ जोन में तैनात कई पुलिस अधिकारियों—सब-इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर और सीओ स्तर तक—के खातों में करोड़ों रुपये भेजे गए थे। पुलिस को संदेह है कि यह नेटवर्क केवल दिव्यांशी तक सीमित नहीं, बल्कि इसमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो गिरफ्तारी रोकने और समझौते के लिए दबाव बना रहे थे।

दबाव और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर सब-इंस्पेक्टर आदित्य दो बार आत्महत्या का प्रयास भी कर चुके थे।

गिरफ्तारी और आगे की जांच
सोमवार देर रात कानपुर पुलिस ने दिव्यांशी चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, ठगी, ब्लैकमेलिंग, आपराधिक षड्यंत्र और आईटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर सकती है।

फिलहाल जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इस ठगी नेटवर्क से जुड़े और नाम भी जल्द सामने आएंगे।

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