आई एम ए अपना घर भी सुधारे, उसके सदस्य गैर जरूरी दवाईयां लिखते हैं- सुप्रीम कोर्ट

जी.पी. दुबे
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स्रोत न्यूज़ एजेंसी.

अपना घर भी दुरुस्त करें इंडियन मेडिकल एसोसिएशन- सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली 23 अप्रैल 24.
पतंजलि के खिलाफ भ्रामक विज्ञापन का शिकायत करने वाली इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को भी सुप्रीम कोर्ट ने घेर लिया, कोर्ट ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से कहा कि उन्हें भी अपना घर दुरुस्त करने की जरूरत है, उसे भी अपने सदस्यों के आचरण के ऊपर ध्यान देने की जरूरत है जो गैर जरूरी और महंगी दवाएं लिखते हैं |
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सुनवाई का दायरा बढ़ाते हुए एम एम सी जी को भी अपने दायरे में ले लिया |
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भ्रामक विज्ञापन का दायरा सिर्फ पतंजलि तक नहीं है यह सभी फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स की कंपनियों तक फैला है जो कई बार भ्रामक विज्ञापन जारी करती है जिससे जनता भ्रमित हो जाती है,विशेषकर शिशु बच्चे प्रभावित होते हैं और बुजुर्ग इन भ्रमित विज्ञापनों को देखकर दवाइयां ले लेते हैं | सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जनता को धोखे में नहीं रहने दिया जा सकता |
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार की लाइसेंस सिंह अथॉरिटी से कहा कि वह भ्रामक विज्ञापनों से निपटने के लिए खुद को सक्रिय करें | पीठ ने कहा कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जारी होने वाले भ्रामक विज्ञापनों को देखते हुए जरूरी हो जाता है कि मामले में उपभोक्ता कल्याण मंत्रालय,सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को पछकार बनाया जाए जो ड्रग एवं मैजिक रेमेडी एक्ट,ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट व कंज्यूमर प्रोटक्शन एक्ट का उल्लंघन देखें | कोर्ट ने कहा कि तीनों मंत्रालय हलफनामा दाखिल कर बताएं कि 2018 से अब तक नियम कानून का दुरुपयोग करने व उसका दुरुपयोग रोकने के लिए क्या कार्रवाई की गई है | इस मुद्दे पर कोर्ट में 7 में को सुनवाई होगी|
मंगलवार को जैसे ही सुनवाई शुरू हुई रामदेव पतंजलि और बालकृष्ण की ओर से पेश वरिष्ठ एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कहा कि उन्होंने गलती के लिए अपनी ओर से देश भर के 67 अखबारों में सार्वजनिक तौर पर बिना शर्त माफी मांगी है |
कोर्ट ने उनसे पूछा कि माफी का आकार विज्ञापन के आकार के बराबर है, इस पर वकील ने कहा नहीं उस पर लाखों रुपए खर्च होते हैं| इस पर कोर्ट ने कहा कि वह वास्तविक आकर देखना चाहेंगे और सुनवाई 30 अप्रैल तक टाल दी | कोर्ट ने कहा कि 30 अप्रैल को पेपर की कतरन पेश की जाए ना कि उसकी फोटो कॉपी,कोर्ट उसका वास्तविक आकर देखना चाहती है |

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