बस्ती की 2 नाबालिक बेटियों को मौलवी ने लड़का बनाकर छुपाया,जांच में बड़ी निकली गर्भवती, बाद में पलट दिया बयान..

बस्ती। झारखंड के दुमका जिले के एक मदरसे से बरामद हुई बस्ती की दो नाबालिग बेटियों की कहानी किसी रहस्यकथा जैसी सामने आई है—ऐसी कहानी जिसमें घर की नाराज़गी से शुरू हुआ सफर अपहरण, भटकाव, कैद और शक-संदेह के सिलसिले से गुजरते हुए अदालत और पुलिस की निगरानी तक पहुंचता है।

दोनों बहनें 26 सितंबर को घर की डांट से नाराज़ होकर निकलीं और फिर परिजनों की नज़रों से ओझल हो गईं। पिता की शिकायत पर 15 अक्टूबर को अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन दिल्ली, हरियाणा और कई इलाके छानने के बाद भी पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला। लगभग डेढ़ महीने बाद बड़ी बेटी का फोन आया—और इसी एक कॉल ने पूरी कहानी की दिशा बदल दी। उसने बताया कि वे झारखंड के दुमका जिले के एक मदरसे में लड़कों के बीच “आज़म” और “आसिफ” के नाम से छिपाकर रखी गई हैं। लोकेशन हसडीह रेलवे स्टेशन के पास मिली और पुलिस, पिता के सहयोग से, दोनों तक पहुंच गई।

बाल कल्याण समिति न्यायालय में पेशी के दौरान बच्चियों ने अपनी यात्रा की दास्तान बताई—कैसे वे घर से निकलीं, ट्रेनें बदलते-बदलते बहराइच पहुंचीं, एक दरगाह में सात दिन रहीं और फिर गोंडा जाने के बजाय गलती से झारखंड जाने वाली ट्रेन में चढ़ गईं। हसडीह स्टेशन पर मिले एक मौलवी उन्हें अपने साथ ले गए और मदरसे में लड़कों के बीच रख दिया। अदालत ने मौलवी द्वारा सूचना न देने को गंभीर अपराध माना है और पुलिस को उसे भी पेश करने का निर्देश दिया है।

मामला तब और उलझा जब मेडिकल जांच में बड़ी बेटी की प्रेगनेंसी टेस्ट रिपोर्ट जिला अस्पताल में पॉजिटिव आई, जबकि गोंडा महिला अस्पताल में हुई दूसरी जांच नेगेटिव निकली। विरोधाभासी रिपोर्टों ने पुलिस और समिति दोनों को असमंजस में डाल दिया। इस बीच बड़ी बेटी ने हैरान करने वाला दावा किया—कि उसके साथ संबंध उसके 22 वर्षीय दिव्यांग भाई ने बनाए थे। यह बयान मौलवी को बचाने की कोशिश है या हकीकत? पुलिस इस पर भी संशय में है।

बच्चियों की मां ने मौलवी को निर्दोष बताया और बच्चियों को अपने साथ ले जाने की अनुमति मांगी, लेकिन सुरक्षा कारणों से अदालत ने बड़ी बेटी को गोंडा के बालिका गृह और छोटी को स्वजन के हवाले कर दिया।

बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा का कहना है कि बच्चियों की सुरक्षा प्राथमिकता है और इसलिए उन्हें निगरानी में रखा गया है। पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन का कहना है कि अपहरण के मुकदमे की जांच जारी है और इस घटनाक्रम में जिसकी भी भूमिका होगी, कार्रवाई निश्चित है।

NGV PRAKASH NEWS

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