अगर थानाध्यक्ष परशुरामपुरभानु प्रताप सिंह नें ना की होती त्वरित कार्रवाही तो… घर में ही कब्र बन गया होता 3 मासूमों का..

Gyan Prakash Dubey

घर के अंदर गड्ढा खोदकर तीन मासूम बच्चों को जिंदा दफनाने जा रहा था साइको पिता, परसरामपुर थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह की समय रहते कार्रवाई से बची जान — मौके से आरोपी गिरफ्तार

बस्ती।
12 दिसंबर 2025

11 दिसंबर 2025 दिन बृहस्पतिवार को थानाध्यक्ष परशुरामपुर भानु प्रताप सिंह अपने ऑफिस में बैठकर आए हुए लोगों की समस्याओं को सुन रहे थे साथ ही थाना क्षेत्र को अपराध मुक्त बनाने के लिए विचार विमर्श में मशगूल थे | तभी अचानक उन्हें सूचना मिलती है कि नंद नगर गांव में एक व्यक्ति अपने तीन मासूम बच्चों को मारपीट रहा है तथा मासूम बच्चे बचाने की गुहार लगा रहे हैं | क्राइम मामलों के अनावरण एक्सपर्ट थानाध्यक्ष को यह समझते देर नहीं लगी की मामले में कुछ अनहोनी हो सकती है |

उन्होंने बिना एक पल गवायें टीम के साथ नंद नगर के लिए कूच कर दिया | और जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो उनके मन में जो शक पैदा हुआ था वह हकीकत में नजर आ रहा था |

बस्ती जिले के परसरामपुर थाना क्षेत्र के नंदनगर गांव में एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। यहां एक पिता अपनी ही संतान के लिए जल्लाद बन बैठा। तीन मासूम बच्चों को प्रताड़ित करने के बाद वह उन्हें जमीन में जिंदा दफनाने जा रहा था। लेकिन ठीक उसी समय बच्चों की चीखें बाहर तक पहुंचीं और किसी पड़ोसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी।

⏩परसरामपुर थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचकर तीनों बच्चों की जान बचाई और आरोपी पिता को कुछ ही देर में गिरफ्तार कर लिया।

नशे में धुत, झाड़-फूंक करने वाला साइको पिता बना जल्लाद

लोगों के अनुसार नंदनगर गांव का रहने वाला इरफान लंबे समय से भांग के नशे में रहता था और झाड़-फूंक के नाम पर परिवार को प्रताड़ित करता था। दो दिन पहले उसने अपनी पत्नी को बुरी तरह पीटा। पत्नी के मायके वाले उसे अपने साथ ले गए, लेकिन तीनों बच्चों — 11 वर्षीय माहीनूर, 9 वर्षीय अमीन और 6 वर्षीय महजबीन — को घर पर छोड़ दिया। इसके बाद इरफान पूरी तरह हिंसक हो उठा।

सर्दी में बाहर सुलाता था बच्चे, कपड़े जलाकर करता था प्रताड़ित

पड़ोसियों के अनुसार इरफान अक्सर बच्चों को कपड़े नहीं पहनने देता था। लोग जब दया करके कपड़े देते, वह उन्हें जला देता। भीषण सर्दी में तीनों बच्चों को खुले बरामदे में सोना पड़ता। नशे में डूबा यह पिता इन्हें रोज मारता-पीटता और भोजन तक नहीं देता था।

कमरे में खुदा हुआ बड़ा गड्ढा — बच्चों ने बताया: “पापा हमें इसमें डाल रहे थे…”

इरफान ने पहले बच्चों को बेरहमी से पीटा और फिर कमरे में खुदे बड़े गड्ढे की ओर घसीटना शुरू किया। बच्चों की चीखें सुनकर पड़ोसी भागे और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना पाकर बगैर समय गवाये परसरामपुर थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जैसे ही घर का दरवाजा खोला गया, अंदर का दृश्य देख सभी सन्न रह गए। कमरे में लगभग पांच फीट गहरा गड्ढा खुदा था, पास में फावड़ा पड़ा था और तीनों बच्चे भय से एक कोने में दुबके हुए थे।

थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बिना समय गंवाए तीनों बच्चों को रेस्क्यू किया। इसी दौरान इरफान मौके से भाग निकला, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कुछ ही समय में उसे गिरफ्तार कर लिया।

कई दिनों से कर रहा था प्रताड़ित — पुलिस को पहले भी मिलती थी शिकायतें

स्थानीय लोगों ने बताया कि इरफान कई दिनों से बच्चों को मारता-पीटता था और गालियां देकर घर में आतंक का माहौल बनाता था। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह बच्चों को मारकर दफनाने की तैयारी कर चुका है।

सीओ स्वर्णिमा सिंह ने बताया— समय रहते पहुंची पुलिस, बच गई तीन मासूम जानें

सीओ ह्ररैया स्वर्णिमा सिंह ने बताया कि पीआरबी को सूचना मिली कि परसरामपुर क्षेत्र का इरफान अपने बच्चों को बर्बरता से प्रताड़ित कर रहा है और कोई बड़ी वारदात कर सकता है। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह की टीम सक्रिय हुई और समय रहते स्थान पर पहुंच गई। तलाशी में एक बड़ा गड्ढा और खुदाई के उपकरण मिले।

बच्चों ने रोते हुए बताया कि “पापा हमें गड्ढे में डालने वाले थे।”
पुलिस ने तीनों बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में ले लिया है और उनकी मां को भी सूचना दे दी गई है।

थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा हादसा

स्थानीय लोगों ने परसरामपुर थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह की त्वरित संज्ञान और साहसिक कदम की सराहना की। यदि पुलिस कुछ मिनट देर से पहुंचती, तो शायद तीनों मासूमों की जान नहीं बच पाती।

फिलहाल आरोपी इरफान के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

NGV PRAKASH NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *