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SBI ने बढ़ाए ATM ट्रांजैक्शन चार्ज, अब कैश निकालना और बैलेंस चेक करना हुआ महंगा
नई दिल्ली, 11 जनवरी —
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने एटीएम ट्रांजैक्शन पर लगने वाली फीस में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे अब ग्राहकों को कैश निकालने और बैलेंस चेक जैसे लेनदेन पर पहले से ज्यादा शुल्क चुकाना होगा। बैंक ने यह कदम इंटरचेंज फीस में हुई बढ़ोतरी के चलते उठाया है। यह नई व्यवस्था 1 दिसंबर 2025 से लागू हो चुकी है और इसका असर मुख्य रूप से सेविंग और सैलरी अकाउंट होल्डर्स पर पड़ेगा, जो दूसरे बैंकों के एटीएम का इस्तेमाल करते हैं।
बैंक के अनुसार, फ्री ट्रांजैक्शन की मासिक सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दूसरे बैंकों के एटीएम से हर महीने पांच फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे, लेकिन इसके बाद प्रत्येक कैश विड्रॉल पर अब 21 रुपये की जगह 23 रुपये और प्रत्येक नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर 10 रुपये की जगह 11 रुपये का शुल्क लिया जाएगा, जिस पर जीएसटी अलग से लगेगा।
भारतीय स्टेट बैंक ने अपने एटीएम पर भी अब फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा तय कर दी है। पहले जहां एसबीआई एटीएम पर लेनदेन अनलिमिटेड फ्री थे, अब हर महीने केवल 10 फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन ही बिना शुल्क के किए जा सकेंगे। इसके बाद प्रत्येक कैश विड्रॉल पर 23 रुपये और प्रत्येक नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर 11 रुपये का शुल्क जीएसटी सहित देना होगा।
हालांकि बैंक ने स्पष्ट किया है कि बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट के सर्विस चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा एसबीआई एटीएम का इस्तेमाल करने वाले एसबीआई डेबिट कार्ड धारकों के लिए मौजूदा चार्ज व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है और कार्डलेस कैश विड्रॉल सेवा अगले आदेश तक अनलिमिटेड फ्री रहेगी।
इस बदलाव के बाद बार-बार एटीएम का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जबकि डिजिटल भुगतान माध्यमों की ओर रुझान और बढ़ने की संभावना है।
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