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कानपुर देहात में धर्मांतरण नेटवर्क का खुलासा, तीन गिरफ्तार, SIT कर रही जांच
कानपुर देहात, 11 जनवरी — उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में धर्मांतरण से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का खुलासा होने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में संचालित ‘नवाकांती सोसाइटी’ नामक संस्था पर आरोप है कि वह वर्षों से गरीब, असहाय और कमजोर वर्ग के लोगों को निशाना बनाकर योजनाबद्ध तरीके से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रही थी। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और नेटवर्क की परत-दर-परत जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मामला तब सामने आया जब राम भरोसे नामक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के अनुसार वह करीब दस वर्षों तक इस संस्था से जुड़ा रहा, जहां उसे पहले प्रशिक्षण और सहायता के नाम पर जोड़ा गया और बाद में धीरे-धीरे धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया। आरोप है कि संस्था की ओर से पहले लोगों को सिलाई मशीन, ब्यूटी पार्लर ट्रेनिंग, हेयर कटिंग और स्किल डेवलपमेंट जैसे कार्यक्रमों के जरिए जोड़ा जाता था। इसके बाद बैठकों के दौरान हैंडपंप, घरेलू उपकरण, रोजगार और आर्थिक सहायता का लालच दिया जाता था। कुछ लोगों को दूसरों को जोड़ने पर छह हजार रुपये प्रति माह तक देने का प्रलोभन दिए जाने की बात भी सामने आई है।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि समय के साथ इन बैठकों का स्वरूप बदल गया और सामान्य संवाद के बाद बाइबल पाठ, प्रार्थना और धार्मिक शपथ कराई जाने लगी। कुछ बैठकों में विदेशी नागरिकों की मौजूदगी का दावा भी किया गया है, जिससे पूरे नेटवर्क को लेकर संदेह और गहरा गया है। पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने धर्म परिवर्तन से इनकार किया तो उन्हें धमकियां दी गईं और पहले मिली सहायता की रकम वापस करने का दबाव बनाया गया, जिसके बाद डर और दबाव के माहौल से परेशान होकर उन्होंने पुलिस का रुख किया।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी और सावित्री शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी स्किल डेवलपमेंट सेंटर और विभिन्न क्लबों के जरिए लोगों को जोड़ते थे और बाद में उन्हें सुनियोजित तरीके से धर्म परिवर्तन की ओर ले जाते थे।
पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और इसके लिए विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। टीम बैंक खातों, दस्तावेजों, साहित्य और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर नेटवर्क की पूरी कड़ी को सामने लाने का प्रयास कर रही है।
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