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मां को छोड़ 22 साल का युवक बना संन्यासी, माघ मेले में भावुक हुआ परिवार
रायबरेली, 17 जनवरी 2026 —
उत्तर प्रदेश के रायबरेली से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को भावुक कर दिया है। 22 साल का एक युवक अचानक घर छोड़कर प्रयागराज के माघ मेले में पहुंच गया और वहां जाकर संन्यास धारण कर लिया। बेटे की तलाश में जब मां मेले में पहुंची तो उसने पहले अपनी सगी मां को पहचानने से ही इनकार कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार रायबरेली निवासी अमर कमल रस्तोगी 1 जनवरी को यह कहकर घर से निकला था कि वह लखनऊ के एक चर्च जा रहा है और शाम तक लौट आएगा। लेकिन देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिवार को चिंता सताने लगी। परिजनों ने कई बार फोन किया, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ मिला। पिता नवीन कमल रस्तोगी और परिवार के अन्य सदस्य घबरा गए। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि अमर सांसारिक जीवन छोड़ने का मन बना चुका है।
लापता होने के तीन दिन बाद परिवार को उसके मोबाइल के WhatsApp स्टेटस से जानकारी मिली कि अमर प्रयागराज के माघ मेले में है और वहां उसने संन्यास ले लिया है। यह खबर मिलते ही मां सोनी रस्तोगी और बहनें तुरंत प्रयागराज के लिए रवाना हो गईं।
माघ मेले के एक शिविर में जब मां ने भगवा वस्त्र पहने अपने बेटे को देखा तो वह फूट-फूट कर रोने लगीं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अमर ने शुरुआत में अपनी मां को पहचानने से ही इनकार कर दिया। हालांकि बाद में मां की ममता के आगे वह पिघल गया और गले तो लगा लिया, लेकिन घर वापस लौटने की हर अपील ठुकरा दी।
अमर कमल रस्तोगी ने स्वामी गोपाल दास को अपना गुरु मानकर उनसे दीक्षा ले ली है। उसने साफ कर दिया है कि अब उसका जीवन संतों की सेवा और ईश्वर भक्ति में ही बीतेगा। बेटे के इस फैसले से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। पिता नवीन कमल रस्तोगी अब भी इस उम्मीद में हैं कि शायद किसी दिन उनका बेटा घर लौट आए, जबकि मां भारी मन से घर वापस आ गई हैं और बेटे की वापसी की दुआ कर रही हैं।
प्रयागराज में लगने वाले मेलों और कुंभ के दौरान पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां युवा आध्यात्मिक जीवन से प्रभावित होकर घर-परिवार त्याग देते हैं। पिछले महाकुंभ में भी इस तरह की घटनाएं देखने को मिली थीं।
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