मेडिकल कॉलेज सुपरवाइजर की गर्लफ्रेंड का फांसी पर लटका मिला शव-लगा ये गंभीर आरोप…….

NGV PRAKASH NEWS

झांसी में मेडिकल कॉलेज सुपरवाइजर की गर्लफ्रेंड का फांसी पर लटका मिला शव, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप

झांसी, 18 जनवरी 2026 —
झांसी में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां मेडिकल कॉलेज में कार्यरत सुपरवाइजर की 38 वर्षीय गर्लफ्रेंड का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतका शादीशुदा थी और चार बच्चों की मां थी। वह पिछले दो वर्षों से अपने पति को छोड़कर सुपरवाइजर के साथ लिव-इन में रह रही थी। परिजनों ने इस मौत के लिए सीधे तौर पर सुपरवाइजर को जिम्मेदार ठहराया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान मंजू दोहरे के रूप में हुई है, जो झांसी के बराठा गांव की निवासी थी। जानकारी के अनुसार मंजू की शादी वर्ष 2002 में करई गांव निवासी बलवीर के साथ हुई थी। उसके चार बच्चे हैं—20 वर्षीय बेटी रेशमा, 17 वर्षीय बेटा राजकुमार, 13 वर्षीय बेटी आरजू और 9 वर्षीय बेटी अनुष्का। परिवार पिछले 15 वर्षों से बजरंग कॉलोनी में रह रहा था।

मृतका की बहन रुबी के मुताबिक कोरोना काल के दौरान मंजू मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स पर सफाई कर्मचारी के रूप में काम करने लगी थी। यहीं उसकी मुलाकात सुपरवाइजर अर्पित सोनी से हुई। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। इसके बाद मंजू ने पति से अलग होने का फैसला लिया और दो साल पहले अर्पित के साथ टाकोरी गांव में रहने लगी। वह अपनी दो छोटी बेटियों को भी अपने साथ ले गई थी, जबकि बड़ा बेटा और बेटी पिता के साथ रहते थे।

परिजनों का आरोप है कि अर्पित ने मंजू से शादी का वादा किया था, जिसके भरोसे उसने कोर्ट में तलाक का मुकदमा दायर किया। पति के कोर्ट में हाजिर न होने पर 5 नवंबर 2025 को एकतरफा तलाक मंजूर हो गया। तलाक के बाद मंजू लगातार अर्पित पर शादी का दबाव बना रही थी, लेकिन वह यह कहकर टालता रहा कि उसके माता-पिता इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं हैं।

मृतका की बड़ी बेटी रेशमा ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उसकी मां को अर्पित और उसके परिवार द्वारा मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। जाति को लेकर भी अपमानजनक बातें कही जाती थीं। रेशमा के अनुसार, अर्पित अक्सर मारपीट करता था और धमकी देता था कि यदि बच्चों से संपर्क रखा तो वह किसी और महिला से शादी कर लेगा।

बेटी ने यह भी बताया कि घटना के दिन अर्पित ने अज्ञात नंबर से फोन कर सूचना दी कि उसकी मां ने फांसी लगा ली है और अस्पताल में भर्ती है। जब परिवार के लोग मौके पर पहुंचे तो शव पड़ा मिला और आसपास कोई मौजूद नहीं था। आरोप है कि बाद में अर्पित वहां आकर परिजनों को धमकाने लगा। परिवार का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला है।

मामले में बड़ागांव थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया गया है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस हर पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

NGV PRAKASH NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *