NGV PRAKASH NEWS

बरेली में हनीट्रैप का जाल: ठेकेदार को प्रेमजाल में फंसाकर युवती ने वसूले 15 लाख रुपये, गिरफ्तारी के बाद खुला गिरोह का राज
बरेली, 15 फरवरी 2026.
बरेली में हनीट्रैप का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने प्रेम और भरोसे का जाल बुनकर एक बिजली ठेकेदार से करीब 15 लाख रुपये वसूल लिए। जब ठेकेदार ने रुपये देना बंद किया तो उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई और 12 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की गई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि उसके गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रेमनगर थाना क्षेत्र निवासी मनीष गंगवार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि इज्जतनगर के वीर सावरकर नगर स्थित उनके मामा अशोक कुमार के मकान को किराये पर देने के लिए करीब एक साल पहले पूजा शर्मा नाम की युवती उनसे संपर्क में आई थी। बातचीत के दौरान पूजा ने अपनी मजबूरी और आर्थिक तंगी का हवाला देकर मनीष का विश्वास जीत लिया और मकान किराये पर ले लिया। धीरे-धीरे उसने मनीष को भावनात्मक रूप से अपने करीब कर लिया और उनसे आर्थिक मदद लेने लगी।
आरोप है कि पूजा ने मनीष के साथ निजी संबंध बनाकर उन्हें पूरी तरह अपने जाल में फंसा लिया और अलग-अलग बहानों से उनसे लाखों रुपये ऐंठती रही। जब मनीष को इस बात का एहसास हुआ और उन्होंने रुपये देना बंद कर दिया, तो पूजा और उसके गिरोह के अन्य सदस्यों ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। आरोपियों ने धमकी दी कि यदि रुपये नहीं दिए गए तो उनके खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा। इस डर और सामाजिक बदनामी के भय से मनीष ने कई बार पैसे दिए, लेकिन मांगें लगातार बढ़ती गईं।
पूछताछ में आरोपी पूजा शर्मा ने पुलिस को बताया कि उसका पति उसके खर्च पूरे नहीं कर पाता था, जिसके कारण वह उससे अलग हो गई। उसकी दो बेटियां हैं, जिनकी जिम्मेदारी उसी पर है। उसने स्वीकार किया कि आर्थिक जरूरतों और अपने शौक पूरे करने के लिए वह इस गिरोह में शामिल हो गई थी। मनीष से मुलाकात के बाद उसे पैसे मिलने लगे और वह लगातार उनसे रुपये वसूलती रही। जब उसे लालच बढ़ा, तो उसने और अधिक रकम की मांग करनी शुरू कर दी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि पूजा शर्मा अकेले काम नहीं कर रही थी, बल्कि उसके साथ उदित पांडेय, गुड्डू बंजारा और अवधेश यादव भी इस गिरोह में शामिल थे। यह गिरोह खासतौर पर आर्थिक रूप से संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को निशाना बनाकर उन्हें प्रेमजाल में फंसाता था और फिर धमकी देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि इस गिरोह ने पहले भी कई लोगों को अपना शिकार बनाया है।
सीओ प्रथम आशुतोष शिवम के निर्देशन में की गई जांच में आरोप प्राथमिक तौर पर सही पाए गए, जिसके बाद प्रेमनगर थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने पूजा शर्मा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उसके पास से बरामद मोबाइल फोन की जांच की जा रही है, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि लालच और छल का जाल किस तरह किसी की जिंदगी को मुश्किलों में डाल सकता है।
NGV PRAKASH NEWS
