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आंगनबाड़ी, आशा वर्करों का मानदेय और सामाजिक पेंशन बढ़ेगी, शिक्षामित्र-अनुदेशकों को भी बड़ी राहत का ऐलान
लखनऊ, 17 फरवरी 2026.
उत्तर प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान कहा कि प्रदेश में आंगनबाड़ी और आशा वर्करों का मानदेय बढ़ाया जाएगा, साथ ही निराश्रित, वृद्धावस्था और दिव्यांगजनों को दी जाने वाली सामाजिक पेंशन में भी वृद्धि की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1 लाख 89 हजार 836 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और करीब 1 लाख 68 हजार आशा वर्कर कार्यरत हैं, जो स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को ग्रामीण और शहरी स्तर पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। सरकार इनकी सेवाओं को देखते हुए इनके मानदेय में बढ़ोतरी का निर्णय ले रही है, जिससे लाखों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए भी राहत की बात कही। उन्होंने बताया कि सरकार इन वर्गों के हित में लगातार कार्य कर रही है और उन्हें भी विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा रसोइयों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह सुविधा एक अप्रैल से लागू होगी, जिससे शिक्षा विभाग से जुड़े लाखों कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सामाजिक सुरक्षा के दायरे को मजबूत करने के लिए एक करोड़ छह लाख से अधिक निराश्रित, वृद्ध और दिव्यांगजन पेंशनधारकों की पेंशन राशि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस कदम से समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक संबल मिलेगा और उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।
सरकार के इन फैसलों को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे न केवल उनके जीवन स्तर में सुधार होगा बल्कि प्रदेश की सामाजिक और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।
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