बाहर से ज्यादा अंदर खतरा :-ये चीजें सेहत के लिए बन रहीं गंभीर खतरा…….

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घर की खुशबू बन रही ‘खामोश जहर’, रूम फ्रेशनर, अगरबत्ती और सुगंधित मोमबत्तियां सेहत के लिए गंभीर खतरा

नई दिल्ली, 20 फरवरी 2026.

घर को महकाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रूम फ्रेशनर, खुशबूदार मोमबत्तियां और अगरबत्ती अब सेहत के लिए एक बड़ा खतरा बनकर सामने आ रहे हैं। डॉक्टर तरंग कृष्णा द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर साझा की गई जानकारी ने इस मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। उन्होंने इसे एक खतरनाक “लव ट्रायंगल” बताया है, जो चुपचाप घर के अंदर की हवा को जहरीला बना रहा है और लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, आम धारणा यह है कि घर के अंदर रहना बाहरी प्रदूषण से सुरक्षित रखता है, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थानों की रिपोर्ट के अनुसार, घर के अंदर की हवा कई बार बाहर की हवा की तुलना में 2 से 5 गुना अधिक प्रदूषित हो सकती है। इसका प्रमुख कारण घर में इस्तेमाल होने वाले सुगंधित उत्पाद हैं, जिनमें रूम फ्रेशनर, अगरबत्ती और सुगंधित मोमबत्तियां प्रमुख हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन उत्पादों में बेंजीन, फॉर्मलडिहाइड, टॉल्यूइन और अन्य वाष्पशील कार्बनिक यौगिक (Volatile Organic Compounds — VOCs) मौजूद होते हैं। ये रसायन धीरे-धीरे हवा में घुलकर सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं और लंबे समय में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि इन रसायनों का संबंध फेफड़ों के कैंसर, अस्थमा, एलर्जी, सिरदर्द, हार्मोनल असंतुलन और आंख-नाक-गले में जलन जैसी समस्याओं से है।

📍जानकारों के अनुसार इसके अलावा, जब सुगंधित मोमबत्तियां या अगरबत्ती जलाई जाती हैं, तो वे PM2.5 जैसे सूक्ष्म कणों का उत्सर्जन करती हैं, जो फेफड़ों की गहराई तक पहुंचकर श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं। लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में सांस की समस्या और अधिक गंभीर हो सकती है। कई शोधों में यह भी पाया गया है कि बंद कमरों में इन उत्पादों का उपयोग करने से कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य जहरीली गैसों का स्तर बढ़ सकता है।

➡️ विशेषज्ञों का कहना है कि इस खतरे से बचने के लिए कुछ सरल उपाय अपनाए जा सकते हैं। केमिकल युक्त रूम फ्रेशनर और मोमबत्तियों की बजाय प्राकृतिक विकल्प जैसे बीजवैक्स (Beeswax) या सोया से बनी मोमबत्तियों का इस्तेमाल करना अधिक सुरक्षित माना जाता है। इसके अलावा, एसेंशियल ऑयल डिफ्यूजर का सीमित उपयोग भी किया जा सकता है, बशर्ते उससे एलर्जी न हो। सबसे महत्वपूर्ण उपाय यह है कि घर में पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित किया जाए। खिड़कियां और दरवाजे खोलकर ताजी हवा का प्रवेश बनाए रखने से घर के अंदर जमा प्रदूषक कम हो सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों को घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता को लेकर अधिक जागरूक होने की जरूरत है। जिस खुशबू को लोग आराम और ताजगी का प्रतीक मानते हैं, वही धीरे-धीरे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ऐसे में प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प अपनाना और घर में नियमित रूप से ताजी हवा का प्रवाह बनाए रखना बेहद जरूरी हो गया है।

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